संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया में इस्रायल की सैन्य मौजूदगी पर जताई चिंता, सुरक्षा परिषद में हुआ बड़ा खुलासा।

संयुक्त राष्ट्र के उप विशेष दूत Claudio Cordone ने सीरिया में इस्रायल के अनिश्चितकालीन सैन्य दखल को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक के दौरान उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की सैन्य गतिविधियां सीरिया की संप्रभुता का खुला उल्लंघन करती हैं और 1974 के डिसइंगेजमेंट समझौते के भी खिलाफ हैं।
सीरियाई क्षेत्र में इस्रायली सेना की गतिविधियां
Claudio Cordone ने बैठक में जानकारी दी कि दक्षिणी सीरिया में इस्रायली सेना लगातार जमीनी घुसपैठ कर रही है। वहां निजी और कृषि संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, अस्थायी चेकपॉइंट बनाए जा रहे हैं और आम नागरिकों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने अबू अल-धुहूर एयरबेस पर हुए इस्रायली हवाई हमले की भी कड़ी निंदा की है।
इस्रायल और सीरिया का पक्ष
इस्रायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने 25 अगस्त 2026 को दक्षिणी सीरिया का दौरा किया था। उन्होंने 18 अगस्त को हुए हवाई हमले को तुर्की की संभावित सैन्य तैनाती के खिलाफ एक एहतियाती कदम बताया था। साथ ही यह भी कहा कि जब तक सुरक्षा खतरे बने रहेंगे, इस्रायल वहां अपनी मौजूदगी बनाए रखेगा। वहीं दूसरी ओर सीरिया के विदेश मंत्री Asaad al-Shaibani ने इस दौरे को देश की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया, हालांकि कुछ रिपोर्टों के मुताबिक दमिश्क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत के लिए तैयार भी हो सकता है। इस पूरी स्थिति के बारे में विस्तार से WAM की रिपोर्ट में बताया गया है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
सुरक्षा परिषद के सत्र के दौरान अमेरिका की उप प्रतिनिधि Tammy Bruce ने तनाव कम करने की अपील की। वहीं रूस के दूत ने कहा कि इस्रायली हमलों से क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंच रहा है। फ्रांस ने अमेरिका के उस फैसले का स्वागत किया जिसमें सीरिया को आतंकवाद के प्रायोजक देशों की सूची से हटाया गया है। इससे सीरिया में आर्थिक रिकवरी और पुनर्निर्माण के कामों में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बैठक के अंत में Claudio Cordone ने मांग की कि इस्रायल अवैध रूप से हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करे और पुराने समझौतों का सख्ती से पालन करे।