UN की रिपोर्टर ने की ब्रिटेन के नए फैसले की तारीफ, वेस्ट बैंक को लेकर किया बड़ा बदलाव

Aanya8 September 20263 min read16 viewsWorld
UN की रिपोर्टर ने की ब्रिटेन के नए फैसले की तारीफ, वेस्ट बैंक को लेकर किया बड़ा बदलाव

संयुक्त राष्ट्र की विशेष रिपोर्टर Francesca Albanese ने ब्रिटेन के विदेश सचिव Ed Miliband के हालिया बयान को एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव बताया है। उन्होंने कहा कि कब्जे वाले वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के साथ हो रही ज्यादतियों पर ब्रिटेन का यह रुख पूरी तरह से बदल गया है। हाउस ऑफ कॉमन्स में मंगलवार, 9 सितंबर 2026 को एक आधिकारिक बयान देते हुए उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सरकार अब फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इजराइल के कब्जे को गैरकानूनी मानती है। यह फैसला साल 2024 के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के सलाहकार फैसले से मेल खाता है।

वेस्ट बैंक के हालातों पर ब्रिटेन की कड़ी कार्रवाई

अपने संबोधन के दौरान ब्रिटिश विदेश सचिव ने वेस्ट बैंक में हो रही घटनाओं के लिए वहां के उग्रवादी बस्तियों के लोगों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की विफलता पर गहरा दुख जताया क्योंकि समुदाय मिलकर दो-राज्य समाधान को बचाने में नाकाम रहा। इन हालातों से निपटने के लिए ब्रिटिश सरकार ने इजराइली बस्तियों से आने वाले सभी सामानों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही बुनियादी ढांचे, रियल एस्टेट, फाइनेंस, निर्माण और विज्ञापन से जुड़ी सेवाओं पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। ये सारे प्रतिबंध अगले छह से नौ महीनों के भीतर लागू किए जाने की योजना है।

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ब्रिटेन सरकार ने इजराइल पर अपने हथियारों के निर्यात प्रतिबंधों का दायरा भी काफी बढ़ा दिया है। सरकार ने एक मजबूत व्यवस्था बनाई है जिसके तहत उन सभी हथियारों और उत्पादों के लाइसेंस आवेदनों को निलंबित कर दिया जाएगा जो इस चल रहे कब्जे में मदद करते हैं। इन कड़े कदमों का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव को कम करना और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करवाना है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया और आगे की मांग

हालाँकि संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने इन उपायों को बहुत महत्वपूर्ण और जरूरी बताया, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी कि अगर बड़े स्तर पर नीतियां नहीं बदली गईं तो यह व्यापार प्रतिबंध केवल एक कागज का टुकड़ा बनकर रह जाएगा। उन्होंने ब्रिटेन से यह मांग की कि वह उन कंपनियों पर सीधे प्रतिबंध लगाए जो बस्तियों के विस्तार से जुड़े प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने देश से यह भी आग्रह किया कि वे दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय वाले मामले में शामिल हों और जर्मनी को हथियार बेचने के खिलाफ निकारागुआ की कानूनी कार्रवाई का भी समर्थन करें।

प्रधानमंत्री Andy Burnham के प्रशासन द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ी हलचल मच गई है। अमेरिका के राजदूत Mike Huckabee ने ब्रिटिश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनका यह कदम नफरत की भावना से प्रेरित है। दूसरी तरफ इजराइली अधिकारियों ने इस पर पलटवार करने की धमकी दी है। कई मंत्रियों ने तो यहां तक मांग की है कि ब्रिटेन के राजदूत को देश से बाहर निकाला जाए और ब्रिटेन के खिलाफ भी कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं। इससे पहले फ्रांस और कनाडा ने भी ऐसे ही कदम उठाए थे, जबकि स्पेन, नॉर्वे और आयरलैंड जैसे कई यूरोपीय देशों ने भी इजराइली बस्तियों के साथ सीमित व्यापार का समर्थन किया है।

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