UN की कड़ी चेतावनी, पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय पर जुल्म बंद करने का दिया निर्देश.

Praggya Singh sabal7 September 20262 min read18 viewsWorld
UN की कड़ी चेतावनी, पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय पर जुल्म बंद करने का दिया निर्देश.

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने रविवार को पाकिस्तान में अहमदिया मुस्लिम समुदाय के खिलाफ चल रहे अत्याचारों पर गहरी चिंता जताई है। जिनेवा से जारी एक बयान में अधिकारियों ने कहा कि देश में इस अल्पसंख्यक समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और अपराधियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती है। संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तानी सरकार से मांग की है कि वह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का पालन करते हुए इस समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करे और हो रहे हमलों की निष्पक्ष जांच करवाए।

कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं पर चिंता

रिपोर्ट्स के मुताबिक 7 सितंबर 2026 को सामने आया कि अहमदिया समुदाय को अपनी धार्मिक रस्में निभाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समुदाय की कब्रों को तोड़ा जा रहा है, प्रार्थना स्थलों पर हमले किए जा रहे हैं और ईद उल-फितर तथा ईद उल-अज्हा जैसे त्योहारों के दौरान भी रुकावटें डाली जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी धार्मिक प्रथाओं में भाग लेने पर जेल में नहीं डाला जाना चाहिए और न ही उसकी निगरानी या आपराधिक जांच होनी चाहिए। ये सारी समस्याएं साल 1974 के उन ऐतिहासिक कानूनों से जुड़ी हैं, जिनमें अहमदिया समुदाय को गैर-मुस्लिम घोषित किया गया था और बाद के दशकों में ऐसे कई कानून बनाए गए जो इन्हें अपने धर्म का प्रचार करने से रोकते हैं।

व्यापारिक रिश्तों पर भी असर

इस मानवाधिकार उल्लंघन का असर अब पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी साफ दिखने लगा है। यूरोपीय संघ के राजदूत Raimundas Karoblis ने 31 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ यूरोपीय संघ के GSP+ व्यापारिक दर्जे को वहां के मानवाधिकार रिकॉर्ड, खासकर अहमदिया समुदाय के साथ हो रहे बर्ताव से जोड़ दिया गया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए UK Government Policy Notes पर जा सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि डर का यह माहौल देश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ है।

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