अमेरिका के आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल ने दिया इस्तीफा, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ से चल रहा था विवाद.

अमेरिका की राजनीति और रक्षा विभाग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ अमेरिका के सेना सचिव यानी आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि रक्षा सचिव यानी डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ के साथ लगातार चल रहे तनाव और मतभेदों के चलते उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया है। डैन ड्रिस्कॉल ने लगभग 18 महीने तक इस पद पर अपनी सेवाएं दी थीं, हालांकि उनका यह इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है और व्हाइट हाउस की तरफ से इस पर कोई ठोस वजह नहीं बताई गई है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम की चर्चा डिफेंस स्कूप और ऑनलाइन समाचार पोर्टल एक्सिओस ने विस्तार से की है। सबसे पहले इस खबर की जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में दी थी। एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि सेना सचिव ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर सेना की मौजूदा स्थिति पर बात की और अपना त्यागपत्र सौंपा। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इस इस्तीफे को मंजूरी नहीं दी है। इस मामले में सेना और पेंटागन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
व्हाइट हाउस का बयान और प्रशासनिक भूमिका
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने एक बयान में कहा कि सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने विभाग में राष्ट्रपति ट्रंप के 'अमेरिका को फिर से मजबूत बनाने' के एजेंडे को आगे बढ़ाने में बहुत ही प्रभावी भूमिका निभाई है। उन्होंने ऐतिहासिक सैन्य अभियानों के दौरान बेहतरीन नेतृत्व दिखाया है और रूस तथा यूक्रेन के बीच बातचीत में भी मदद की है, जिससे अमेरिकी सेना पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली हुई है। डैन ड्रिस्कॉल अमेरिका के इतिहास में सबसे कम उम्र के सेना सचिव रहे हैं और उन्हें 'ट्रम्प 2.0' का एक अहम कमांडर भी माना गया है। वह अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं और येल लॉ स्कूल से ग्रेजुएट हैं। उन्हें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का काफी करीबी माना जाता है।
विवाद की असल वजह और अधिकारियों को हटाना
डैन ड्रिस्कॉल और पीट हेगसेथ के बीच लंबे समय से तनाव की खबरें सामने आ रही थीं। इस तनाव की मुख्य वजह यह बताई जा रही है कि इसी साल की शुरुआत में हेगसेथ ने जनरल रैंडी जॉर्ज को आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ के पद से हटा दिया था और कई अन्य वरिष्ठ कमांडरों को भी उनके पदों से मुक्त कर दिया था। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों के बीच विवाद का एक और बड़ा कारण यह था कि हेगसेथ ने कथित तौर पर प्रमोशन की लिस्ट से चार अधिकारियों यानी दो अश्वेत पुरुषों और दो महिलाओं के नाम हटा दिए थे। इसके अलावा फरवरी महीने में हेगसेथ ने ड्रिस्कॉल के वरिष्ठ सलाहकार कर्नल डेविड बटलर को हटाने के लिए भी काफी दबाव बनाया था। कर्नल बटलर ट्रंप के विरोधी जनरल मार्क मिली के पूर्व प्रवक्ता रह चुके हैं, लेकिन ड्रिस्कॉल ने बटलर को नौकरी से निकालने के हेगसेथ के इस दबाव का कड़ा विरोध किया था।
इरान युद्ध और संभावित कार्यवाहक उत्तराधिकारी
अगर व्हाइट हाउस डैन ड्रिस्कॉल का इस्तीफा स्वीकार कर लेता है, तो इसका सीधा मतलब यह होगा कि ईरान के साथ फिर से शुरू हुई लड़ाई के बीच अमेरिकी सेना बिना सीनेट-अनुमोदित नेता के रह जाएगी। मौजूदा समय में चल रहे इस युद्ध में अमेरिकी सेना तेहरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाव करने में सबसे आगे रही है। वर्तमान में माइकल ओबाडल आर्मी के अंडर सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत हैं और यदि ड्रिस्कॉल का इस्तीफा मंजूर होता है, तो वे कार्यवाहक सचिव के तौर पर कार्यभार संभाल सकते हैं। ड्रिस्कॉल ने अपने कार्यकाल के दौरान सेना के सालाना बजट के साथ-साथ 10 लाख से ज्यादा एक्टिव ड्यूटी, नेशनल गार्ड और रिजर्व सैनिकों के साथ ही 3,30,000 से अधिक सिविलियन कर्मचारियों का नेतृत्व किया है। नवंबर के महीने में उन्होंने अमेरिका का शांति प्रस्ताव पेश करने के लिए यूक्रेन की यात्रा भी की थी। पेंटागन और सेना की तरफ से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि व्हाइट हाउस इस इस्तीफे पर क्या अंतिम फैसला लेता है।