अमेरिका ने ईरान पर किया बड़ा हवाई हमला, राष्ट्रपति ट्रंप के सीधे आदेश पर फाइटर जेट्स ने तबाह किए कई सैन्य ठिकाने

Sushma Kumari11 June 20262 min read29 viewsExtra

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे निर्देशों पर चलते हुए 9 जून और 10 जून 2026 को ईरान के कई ठिकानों पर बड़े रक्षात्मक हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में की गई है। इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

📰: Kuwait पर ईरान ने दागे मिसाइल और ड्रोन, अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का किया दावा

अमेरिका ने ईरान के किन ठिकानों को निशाना बनाया?

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

अमेरिकी वायु सेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने इस हमले में आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। सैन्य अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और रडार साइटों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। ईरान के तटीय इलाकों जैसे बंदर अब्बास, सिरिक और मिनाब में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद ईरानी सेना ने भी अपने एयर डिफेंस सिस्टम को चालू कर दिया था।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्रालय का क्या कहना है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा है कि जब तक दोनों देशों के बीच कोई शांति समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरान पर इस तरह के कड़े हमले जारी रहेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान की हरकतों का जवाब बेहद मजबूत और असरदार होना जरूरी था। वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी साफ तौर पर चेतावनी दी थी कि अमेरिकी लड़ाकू विमान ईरान के मुख्य ठिकानों पर बमबारी करने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं।

ईरानी सेना की तरफ से क्या जवाबी कार्रवाई की गई है?

ईरान के सैन्य संगठन रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने जवाब में एक अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल दागी है। इसके साथ ही ईरान ने कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाने की बात कही है। दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने उन दावों को खारिज किया है जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की बात कही जा रही थी। अमेरिका के अनुसार इस समुद्री मार्ग से व्यापारिक जहाजों का आना-जाना पहले की तरह सामान्य रूप से जारी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान पर यह हवाई हमला क्यों किया?

यह हमला 8 जून 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिका के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में किया गया है। अमेरिकी सेना ने इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है।

क्या हवाई हमलों के बाद होर्मुज जलमार्ग बंद हो गया है?

ईरान के दावों के विपरीत अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने साफ किया है कि होर्मुज जलमार्ग को बंद नहीं किया गया है और वहां से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की आवाजाही लगातार जारी है।

Share:

Comments

Leave a comment