अमेरिका में डीजल की कीमतों ने तोड़े सभी पुराने रिकॉर्ड, ईरान संघर्ष और सप्लाई चेन ठप होने से आम आदमी परेशान.

Praggya Singh sabal4 September 20263 min read24 viewsWorld
अमेरिका में डीजल की कीमतों ने तोड़े सभी पुराने रिकॉर्ड, ईरान संघर्ष और सप्लाई चेन ठप होने से आम आदमी परेशान.

अमेरिका में ईंधन की कीमतों ने आसमान छू लिया है और आम जनता की जेब पर बड़ा असर पड़ना शुरू हो गया है। 4 सितंबर 2026 को अमेरिका में एक गैलन डीजल की औसत कीमत बढ़कर $5.85 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले जून 2022 में डीजल का सबसे ज्यादा भाव $5.8159 दर्ज किया गया था, जिसे इस बार पीछे छोड़ दिया गया है। इसके साथ ही पेट्रोल की कीमतें भी बढ़कर शुरुआती सितंबर के सबसे ऊंचे स्तर $4.15 प्रति गैलन पर पहुंच गईं। इस अचानक आई तेजी की मुख्य वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और ईरान के साथ जारी संघर्ष है, जो फरवरी 2026 के आखिर से शुरू हुआ था। इस तनाव की वजह से फ्यूल सप्लाई और हॉर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz से होने वाला जहाजों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जो दुनिया के कुल समुद्री तेल और गैस का लगभग 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा संभालता है।

ईंधन संकट और वैश्विक बाजार पर असर

हाल ही में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सऊदी अरब के दो सुपरटैंकरों पर हमले की खबरें सामने आईं। इसके साथ ही ईरान की तरफ से खाड़ी देशों से तेल का निर्यात रोकने की चेतावनी ने बाजारों में हलचल और बढ़ा दी है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी यानी IEA ने इस मौजूदा हालात को वैश्विक तेल बाजार के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी सप्लाई रुकावट और ऊर्जा सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा संकट करार दिया है। रूस द्वारा अपने रिफाइनरियों पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बाद डीजल के निर्यात पर प्रतिबंध को बढ़ाए जाने से यह संकट और गहरा गया है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 सितंबर को $95 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रही थी, जबकि युद्ध से पहले यह लगभग $70 के आसपास थी।

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रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने की आशंका

गैस बडी के पेट्रोलियम एनालिस्ट Patrick De Haan ने चेतावनी दी है कि डीजल का इस्तेमाल ट्रकों, ट्रेनों और ट्रैक्टरों जैसे जरूरी औद्योगिक सप्लाई चेन को चलाने में होता है। ऐसे में ईंधन की ये बढ़ी हुई कीमतें अंततः खाने-पीने की चीजों समेत सभी उपभोक्ता सामानों के दाम में जुड़ जाएंगी। नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के डायरेक्टर Kevin Hassett ने इस बढ़ोतरी को बहुत ही कम समय के लिए बताया। वहीं, उपराष्ट्रपति JD Vance ने 4 सितंबर को बयान दिया कि वह इस स्थिति को युद्ध की श्रेणी में नहीं रखते हैं और उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रशासनिक प्रयासों के बिना हालात और भी ज्यादा खराब हो सकते थे। JD Vance ने यह भी पुष्टि की कि जब तक जलडमरूमध्य के पास जहाजों पर हमले बंद नहीं होते, तब तक ईरान के साथ नई बातचीत स्थगित रहेगी।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और महंगाई की स्थिति

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Taylor Rogers ने राष्ट्रपति Donald Trump के उस संकल्प को दोहराया जिसमें घरेलू रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने और Strait of Hormuz पर नियंत्रण बनाए रखने की बात कही गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऊर्जा की कीमतें आखिरकार युद्ध से पहले के स्तर पर वापस आ जाएंगी। दूसरी तरफ, एरिजोना से डेमोक्रेटिक सीनेटर Mark Kelly ने इस संघर्ष से निपटने के अमेरिकी प्रशासन के तरीके की आलोचना की। आईएनजी में कमोडिटीज स्ट्रेटजी के प्रमुख Warren Patterson ने कहा कि फारस की खाड़ी या रूसी तेल की सप्लाई में सुधार हुए बिना राहत मिलना नामुमकिन है। ये ऊर्जा लागतें देश में महंगाई को लगातार बढ़ा रही हैं, जो जुलाई तक 3.4% पर बनी हुई थी।

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