US forces का ईरान पर कड़ा एक्शन, होर्मुज जलडमरूमध्य में 83 कमर्शियल जहाजों को किया डायवर्ट.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी समुद्री नाकाबंदी को और ज्यादा सख्त कर दिया है। 30 अगस्त 2026 को अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का पालन कराने के लिए कुल 83 कमर्शियल जहाजों को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया है और 3 अन्य जहाजों को बीच में ही रोककर बाधित किया है।
यह बड़ी कार्रवाई US Central Command (CENTCOM) की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 28 अगस्त तक अमेरिकी बलों ने सफलतापूर्वक 82 जहाजों को रूट बदला था, तीन को नाकारा किया था और दो जहाजों पर चढ़कर जांच की थी। इस पूरे घटनाक्रम के बीच व्हाइट हाउस ने 28 अगस्त 2026 को एक बयान जारी किया था। इस बयान में साफ तौर पर कहा गया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज यानी होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है। सरकार का यह भी कहना था कि इस नाकाबंदी की वजह से तेहरान की कमाई के रास्तों पर लगाम लगाने में काफी मदद मिल रही है। इस बारे में अधिक जानकारी White House Releases पर देखी जा सकती है।
ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट और नए प्रतिबंध
यह सारी सख्ती ऐसे समय पर देखने को मिल रही है जब अमेरिका ने "Operation Economic Outcast" अभियान शुरू किया है। इस अभियान का ऐलान अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 24 अगस्त 2026 को किया था। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान के पांच बड़े आर्थिक क्षेत्रों पर प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाना है। इन क्षेत्रों में डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग शामिल हैं। इसके दायरे में करीब 60 ऐसी कंपनियों और जहाजों को लाया गया है जो प्रतिबंधों से बचने की कोशिश कर रहे थे। इस बारे में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की वेबसाइट US Treasury Press Releases पर पूरी जानकारी दी गई है।
दूसरी तरफ, ईरान की सरकारी मीडिया ने 30 अगस्त 2026 को जानकारी दी कि ईरानी सशस्त्र बलों ने भी 22 अगस्त से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले 30 जहाजों को रोका है। ईरान का यह नियम है कि जहाज केवल उन्हीं रास्तों का इस्तेमाल करें जिन्हें ईरान की मंजूरी मिली हो, जिसके लिए उन्हें बातचीत और ट्रांजिट फीस भी चुकानी पड़ती है। इन तमाम तनावों के बीच अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के Office of Foreign Assets Control (OFAC) ने अपनी निगरानी बेहद कड़ी कर दी है और 24 अगस्त 2026 को जनरल लाइसेंस जी (General License G) को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया है, जिसका असर शैक्षणिक आदान-प्रदान पर भी पड़ा है। ईरानी नेताओं ने इन पाबंदियों की वजह से देश में आर्थिक दबाव बढ़ने की बात स्वीकार की है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि वे अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य में अपना प्रभाव बनाए रखेंगे।