अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेज, अमेरिकी सेना ने ईरान के कई तेल टैंकरों को बनाया निशाना.

मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और अमेरिकी सेना ने अपनी कार्रवाई तेज करते हुए ईरान की अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रहार किया है। 6 सितंबर 2026 को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कई तीखे पोस्ट किए और ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह विफल बताया। ट्रंप ने देश में महंगाई और मुद्रा के पतन का जिक्र करते हुए ईरान के तेल निर्यात बंद होने की बात कही। उन्होंने खर्ग द्वीप पर हमले को दर्शाने वाली तस्वीरें भी शेयर कीं, जो ईरान का मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल है। यह पूरा मामला उस समय और गरमा गया जब अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया।
अमेरिकी केंद्रीय कमान की बड़ी कार्रवाई
इससे पहले 5 सितंबर 2026 को अमेरिकी केंद्रीय कमान यानी CENTCOM ने ईरान के तीन बड़े तेल टैंकरों पर हमला किया। इन जहाजों के नाम M/T Downy, M/T Stark 1 और M/T Kylo (जिसे नोक्सेन भी कहा जाता है) बताए गए हैं। अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के मिसाइल हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई। CENTCOM की रिपोर्ट के अनुसार, खर्ग द्वीप के पास M/T Downy पूरी तरह से बेकार हो गया, जास्ख के पास M/T Stark 1 को नुकसान पहुंचा और ओमान की खाड़ी में M/T Kylo को नष्ट कर दिया गया। CENTCOM के एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि इन हमलों का मकसद उस गुप्त वित्तीय नेटवर्क को आर्थिक नुकसान पहुंचाना है जो IRGC को फंड देता है। 6 सितंबर तक अमेरिकी बलों ने समुद्री नाकाबंदी लागू करने के लिए 92 कमर्शियल जहाजों का मार्ग बदला, तीन को निष्क्रिय किया और दो पर बोर्डिंग की।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया और चेतावनी
अमेरिका के इस कदम के बाद अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने एक्स पर चेतावनी दी कि ईरान का तेल टैंकर बेड़ा पूरी तरह से रक्षाहीन है और अमेरिकी जहाजों पर किसी भी भविष्य के हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने पुष्टि की कि खर्ग के पास anchorage के नजदीक एक टैंकर पर चार अमेरिकी मिसाइलें गिरीं, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। ईरानी तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने 6 सितंबर को दावा किया कि पिछले कुछ महीनों में खर्ग द्वीप पर लगभग 550 हमले हो चुके हैं लेकिन यह अभी भी चालू स्थिति में है। वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ ने ईरानी हितों पर हमलों का तेज और दर्दनाक जवाब देने की कसम खाई और स्वीकार किया कि देश बेरोजगारी और महंगाई जैसी गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इन अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों को अवैध, आक्रामक और युद्ध अपराध करार दिया है, जबकि IRGC नौसेना ने जहाजों को अनधिकृत जलमार्गों से बचने की चेतावनी जारी की है। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल का स्तर सामान्य हो गया है और ईरान की मुद्रा बहुत अधिक महंगाई के कारण बर्बाद हो चुकी है।