UAE में बैन हुआ Banque Misr का बैंक खाता, अमेरिका ने ईरान पर लगाया नया प्रतिबंध.

अमेरिका सरकार ने ईरान के खिलाफ अपनी आर्थिक कार्रवाई को और तेज करते हुए शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को नए प्रतिबंधों का ऐलान कर दिया है। यह कार्रवाई Operation Economic Outcast अभियान के तहत की जा रही है, जिसे अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने 24 अगस्त 2026 को शुरू किया था। इस नए कदम का मुख्य उद्देश्य ईरानी शासन की वित्तीय स्थिति को पूरी तरह कमजोर करना और उनके सभी आर्थिक रास्तों को बंद करना है ताकि वे अपनी गतिविधियों को आगे न बढ़ा सकें।
UAE में बैंक सेवाओं पर गिरी गाज
इस ताजा कार्रवाई के तहत अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में स्थित मिस्र के बैंक Banque Misr की शाखाओं की अमेरिकी वित्तीय तक पहुंच को रद्द करने की योजना बनाई है। ट्रेजरी अधिकारियों का आरोप है कि इस बैंक की यूएई शाखाओं ने ईरान के रक्षा मंत्रालय और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC से जुड़ी फर्जी कंपनियों के लेनदेन में मदद की थी। आरोप यह भी है कि इन कंपनियों के जरिए ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei के लिए पैसों की हेराफेरी की गई थी। ट्रेजरी सचिव Scott Bessent और राष्ट्रपति Donald Trump के निर्देशों के तहत डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी, सोना, विमानन और शिपिंग सेक्टर में प्रतिबंधों के दायरे को काफी बढ़ा दिया गया है।
सामान्य लाइसेंस और कार्यक्रमों पर रोक
इन सख्त निर्देशों के पालन में ट्रेजरी विभाग ने रेमिटेंस और कुछ अमेरिकी सांस्कृतिक तथा शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए मिलने वाले सामान्य लाइसेंस को निलंबित कर दिया है। इन सभी पर रोक लगाने के लिए 8 सितंबर 2026 तक का समय दिया गया है जिसके बाद पूरी तरह से काम बंद करना अनिवार्य होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने गुरुवार को बताया कि इस समय ईरान गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रहा है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत का कोई प्लान नहीं है। इस बीच, अमेरिकी विदेश विभाग और युद्ध विभाग अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों पर लगातार दबाव बना रहे हैं कि वे ईरान से जुड़े अपने सभी कामकाज तुरंत बंद कर दें।
ईरान और चीन की कड़ी प्रतिक्रिया
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन नए अमेरिकी प्रतिबंधों को राज्य समर्थित आतंकवाद और मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया है। उनका कहना है कि दूसरे देशों की यह कानूनी जिम्मेदारी बनती है कि वे इन एकतरफा फैसलों को पूरी तरह नजरअंदाज करें। चीन ने भी अमेरिका के इन प्रतिबंधों को अवैध बताते हुए खारिज कर दिया है। इस पूरे तनाव को अब पूरे 6 महीने का समय बीत चुका है। अमेरिकी सेना ने गुरुवार तक ईरानी बंदरगाहों के पास करीब 75 जहाजों को या तो रोक दिया था या उनका रास्ता बदल दिया था। इस समय कई मध्यस्थ देश होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को दोबारा खुलवाने की कोशिश में लगे हैं, जिसके जरिए पहले दुनिया का कुल 20 प्रतिशत तेल का व्यापार होता था। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी आप U.S. Department of the Treasury की आधिकारिक वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं।