अमेरिका का ईरान समर्थित समूहों पर कड़ा एक्शन, इराक में सैनिक वापसी से पहले नए प्रतिबंध लागू

Sushma Kumari10 September 20263 min read37 viewsWorld
अमेरिका का ईरान समर्थित समूहों पर कड़ा एक्शन, इराक में सैनिक वापसी से पहले नए प्रतिबंध लागू

अमेरिका ने ईरान से जुड़े इराक के एक बड़े मिलिशिया ग्रुप के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। इस बात की आधिकारिक पुष्टि 10 सितंबर 2026 को अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने की है। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 24 अगस्त को हुई थी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल यानी OFAC ने उन सभी नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है जो तेहरान समर्थित ताकतों को मदद पहुंचा रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों का साफ कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाना है।

ट्रेजरी विभाग का बड़ा कदम और वित्तीय प्रतिबंध

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने जानकारी दी है कि इस ऑपरेशन का मकसद उन वित्तीय नेटवर्क को पहचान कर पूरी तरह खत्म करना है जो ईरानी शासन का समर्थन कर रहे हैं। इस कार्रवाई के तहत मुख्य रूप से आतंकी फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और प्रतिबंधों से बचने के तरीकों को टारगेट किया जा रहा है। इसी कड़े enforcement के तहत अमेरिका ने 9 इराकी नागरिकों और 2 इराक-आधारित कंपनियों पर बैन लगा दिया है। इन सभी पर हिजबुल्लाह और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC को समर्थन देने का गंभीर आरोप लगा है। जांच में सामने आया है कि इनमें से कुछ लोग इराक की पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज यानी PMF में अपने पदों का गलत फायदा उठाकर ईरान समर्थक गुटों के लिए सैन्य उपकरण जुटा रहे थे।

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लाइसेंसिंग नीति में बदलाव और व्हिसलब्लोअर अपील

OFAC ने ईरान से जुड़े मामलों को लेकर एक नई पॉलिसी भी लागू की है। इसके तहत ईरान से जुड़े ज्यादातर लाइसेंसिंग अनुरोधों को तब तक खारिज कर दिया जाएगा जब तक ईरान अपने व्यवहार में सुधार नहीं लाता है। ईरान से यह भी मांग की गई है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा डालना बंद करे, अमेरिकी कर्मियों पर हमले रोके और परमाणु तथा पारंपरिक हथियारों की होड़ को हमेशा के लिए छोड़ दे। इसके अलावा, एक अज्ञात अमेरिकी नागरिक ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों के 39 कथित उल्लंघनों के मामले में 1.43 मिलियन डॉलर के समझौते पर सहमति जताई है। अमेरिकी प्रशासन ने ईरान द्वारा प्रतिबंधों से बचने के तौर-तरीकों की जानकारी देने वालों के लिए एक नया व्हिसलब्लोअर अभियान भी शुरू किया है ताकि पुख्ता सुराग जुटाए जा सकें।

इराक में सैनिकों की वापसी और स्थानीय राजनीतिक हालात

यह पूरी कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब इराक में अमेरिकी नेतृत्व वाला अंतरराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। तय योजना के मुताबिक सभी विदेशी सैन्य कर्मियों को 30 सितंबर 2026 तक इराक से पूरी तरह वापस चले जाना है। इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने 1 अक्टूबर को एक स्वतंत्र और संप्रभु इराक की शुरुआत के रूप में चिन्हित किया है, जहां किसी भी विदेशी सैन्य ताकत का दखल नहीं होगा। इराकी सरकार ने पहले ही यह साफ निर्देश जारी कर दिए हैं कि सभी गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों को 30 सितंबर की समय सीमा तक या तो हथियार डालने होंगे, खुद को भंग करना होगा या फिर देश की मुख्य सुरक्षा व्यवस्था में शामिल होना पड़ेगा। सरकार ने चेतावनी दी है कि इस नियम का पालन न करने वालों पर आतंकवाद के गंभीर आरोप तय किए जाएंगे। हालांकि कुछ छोटे समूहों ने हथियार डालने पर सहमति जता दी है, लेकिन kata'ib हिजबुल्लाह और हरकत हिजबुल्लाह अल नुजाबा जैसे कट्टरपंथी गुटों ने अपने हथियार छोड़ने की शर्त विदेशी सैनिकों की मौजूदगी से जोड़ रखी है।

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