अमेरिका ने ईरान पर बढ़ाई सख्ती, हर हफ्ते लगेंगे नए प्रतिबंध और बातचीत के लिए बनाया जा रहा है दबाव।

अमेरिका के वित्त सचिव Scott Bessent ने 31 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया है कि ईरान पर लगाए जा रहे इन कड़े प्रतिबंधों का मुख्य मकसद सिर्फ और सिर्फ ईरानी शासन को बातचीत की टेबल पर वापस लाना है। उत्तरी कैरोलिना के एशविल में जी-20 वित्त नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका वित्तीय हिंसा का इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अमेरिका की योजना वित्तीय संस्थानों से शुरुआत करते हुए हर हफ्ते नए सेकंडरी प्रतिबंध लागू करने की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका ईरानी फंड को रोकने या अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। इस बारे में अधिक जानकारी आप US Treasury Press Release पर देख सकते हैं।
ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट और यूएई पर असर
24 अगस्त 2026 को शुरू किए गए 'Operation Economic Outcast' अभियान के हिस्से के रूप में, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 31 अगस्त को बैंक मिल्ली की दुबई शाखा के मैनेजर Reza Mohammad Taeedi और हांगकांग की एक अज्ञात कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके अलावा, वित्तीय अपराध प्रवर्तन नेटवर्क यानी FinCEN ने 29 अगस्त 2026 को Banque Misr UAE पर ईरान से कथित संबंधों को लेकर लगाए गए जुर्माने के बाद, उसकी कॉरेस्पोंडेंट बैंकिंग पहुंच को रद्द करने का प्रस्ताव रखा है। ट्रेजरी सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि तेहरान के साथ व्यापार जारी रखने वाले चीन पर संभावित प्रतिबंधों को लेकर सभी विकल्प अभी खुले हुए हैं। आधिकारिक घोषणाओं की पूरी सूची आप US Treasury Official Website पर जाकर पढ़ सकते हैं।
पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव और क्षेत्रीय प्रभाव
इन आर्थिक प्रतिबंधों के बीच क्षेत्रीय मोर्चे पर भी तनाव काफी बढ़ गया है। हाल ही में 30 अगस्त 2026 को जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी मिसाइल हमले हुए, जिसके जवाब में अमेरिका ने लार्क द्वीप पर हमला किया। इन बढ़ते तनावों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खारग द्वीप के विनाश को दिखाने वाला एक एआई-तैयार वीडियो भी साझा किया। हालांकि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने 27 अगस्त 2026 को पुष्टि की थी कि अभी कोई औपचारिक बातचीत नहीं हो रही है, लेकिन ईरानी अधिकारियों के बीच इस पर मतभेद साफ नजर आ रहे हैं।
ईरान के भीतर बंटे हुए हैं अधिकारी
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने प्रतिबंधों के बुरे आर्थिक प्रभाव को स्वीकार किया, लेकिन वित्त मंत्री Ali Madanizadeh ने इन उपायों को असरहीन बताया। वहीं संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका के वित्त सचिव के उस दावे को सीधे तौर पर चुनौती दी जिसमें ईरान की आर्थिक स्थिति का जिक्र था, और उन्हें झूठा करार दिया। इन सबके बीच अमेरिका ने अपने प्रतिबंधों के दायरे को और बढ़ाते हुए ईरान के शिपिंग, एविएशन, सोना, टेक्नोलॉजी और डिजिटल एसेट सेक्टर को भी इसमें शामिल कर लिया है, जिससे आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर भी असर पड़ सकता है।