अमेरिका और ईरान की जंग से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार, खाड़ी देशों में बड़ा तनाव.

Praggya Singh sabal9 September 20262 min read29 viewsWorld
अमेरिका और ईरान की जंग से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार, खाड़ी देशों में बड़ा तनाव.

अमेरिका और ईरान के बीच सीधे सैन्य टकराव के बाद दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव बढ़कर $100.19 प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जबकि अमेरिकी तेल की कीमतों में 1.6% की तेजी आई है जिसके बाद यह $94.55 पर ट्रेड कर रहा है। इस तनाव का असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और आम आदमी पर भी पड़ रहा है क्योंकि आने वाले दिनों में रोजमर्रा की चीजें और यात्रा महंगी हो सकती है।

ईरान के पांच तेल टैंकर तबाह

दिनांक 8 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक रूप से पुष्टि करते हुए ईरान के पांच कच्चे तेल के टैंकरों को नष्ट कर दिया। इन जहाजों के नाम Kivik, Charminar, Horizon 1, Riesco और Derya थे। इनमें से चार जहाजों को ओमान की खाड़ी में निशाना बनाया गया, जबकि Derya टैंकर को खार्ग द्वीप के पास तबाह किया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि हमलों से पहले चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकलने का आदेश दे दिया गया था।

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वाशिंगटन ने इस सैन्य कार्रवाई को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अमेरिकी युद्धपोतों पर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का जवाब बताया है। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने इस सैन्य प्रतिक्रिया को बहुत स्पष्ट बताते हुए कहा कि नष्ट किए गए टैंकर उस शैडो नेटवर्क का हिस्सा थे जो कथित तौर पर IRGC को फंड दे रहा था।

जॉर्डन और खाड़ी देशों पर असर

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। जॉर्डन की सशस्त्र सेना ने पुष्टि की कि उन्होंने 18 मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया, जबकि दो मिसाइलें खाली इलाकों में गिरीं जिनसे किसी भी तरह का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। इसके अलावा, IRGC ने होर्मुज जलडममध्य के पास 10 जहाजों पर हमला करने और एक अमेरिकी मानवरहित पनडुब्बी को पकड़ने का दावा किया, जिसे बाद में अमेरिकी सेना ने एक खराब हुआ पानी के नीचे का ड्रोन बताया।

ईरान ने कुवैत और बहरीन पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को शरण देकर आतंकवादी ताकतों को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप भी लगाया है। इन घटनाओं के बाद तेहरान ने सख्त समुद्री प्रतिबंध लागू कर दिए हैं और चेतावनी दी है कि कुवैत तथा बहरीन के तटों के पास घूमने वाले किसी भी अमेरिकी-लिंक्ड तेल टैंकर को निशाना बनाया जाएगा। साथ ही चालक दल के सदस्यों को तुरंत अपने जहाज छोड़ने की चेतावनी दी गई है। व्हाइट हाउस के पूर्व अधिकारी Marc Gustafson ने पहले ही इस क्षेत्र में अमेरिकी नीति में बड़े बदलाव की ओर इशारा किया था, जिसका असर अब साफ दिखाई दे रहा है।

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