अमेरिका और ईरान के तनाव से दुनिया भर में महंगा हुआ तेल, स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज पर मंडराया बड़ा खतरा।

Nura Basta1 September 20263 min read38 viewsUAE
अमेरिका और ईरान के तनाव से दुनिया भर में महंगा हुआ तेल, स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज पर मंडराया बड़ा खतरा।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते फौजी तनाव की वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। इस ताजा तनाव की मुख्य वजह सामरिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज के रास्ते में तेल की सप्लाई बाधित होने का नया खतरा पैदा होना है, जिससे आम आदमी की जेब पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

लारक द्वीप पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई

बीते 30 अगस्त 2026 को अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप पर बने रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाते हुए फौजी हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के प्रवक्ता Capt. Tim Hawkins ने जानकारी दी कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC पानी के रास्ते में समुद्री बारूदी सुरंगे बिछाने और रॉकेट दागने की तैयारी कर रहा था, जिसके चलते यह कार्रवाई करना जरूरी हो गया था। हालांकि CENTCOM के कमांडर Admiral Brad Cooper ने पहले ही शिपिंग लेन से समुद्री सुरंगे हटाए जाने की पुष्टि कर दी थी, लेकिन इस ताज़ा टकराव ने कमोडिटी जहाजों की आवाजाही को लेकर एक बार फिर पुरानी डरावनी यादें ताजा कर दी हैं।

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ईरान का पलटवार और ओमान तट पर तेल टैंकर पर हमला

इस अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में IRGC ने 31 अगस्त 2026 को ऐलान किया कि उसने जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में स्थित अमेरिकी फौजी ठिकानों को निशाना बनाया है। हालांकि UAE Ministry of Defence ने आधिकारिक तौर पर इस बात से साफ इनकार किया कि उनके Al Menhad airbase पर किसी तरह का कोई हमला हुआ है। वहीं ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि लारक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले में दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इसके बाद सोमवार की शाम को स्थिति तब और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई जब ब्रिटिश रॉयल नेवी के Maritime Trade Operations सेंटर ने रिपोर्ट दी कि ओमान के तट के पास सऊदी अरब के झंडे वाले एक तेल टैंकर को तीन प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइलों से टक्कर लगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान और कड़े आर्थिक प्रतिबंध

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इन अमेरिकी हमलों को बहुत सीमित बताया और साफ किया कि अगर उनके सैनिकों को निशाना बनाया गया तो अमेरिका इसका बहुत भारी जवाब देगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को एक कमजोर अर्थव्यवस्था और फौज वाला असफल राष्ट्र करार देते ہوئے दावा किया कि अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की लगभग सभी मिसाइलों को हवा में ही नाकाम कर दिया। यह पूरा विवाद अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा Operation Economic Outcast शुरू किए जाने के बाद सामने आया है, जिसके तहत ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए लगभग 60 संस्थाओं, व्यक्तियों और जहाजों पर नए प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने दावा किया कि यही वजह है कि आज ईरान बौखलाया हुआ है और इस तरह की हरकतें कर रहा है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप US Treasury official website पर जा सकते हैं।

जहाजों की आवाजाही पर भारी असर

गौरतलब है कि पिछले छह महीनों से स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज का रास्ता काफी हद तक बंद या सीमित रहा था, जिसके बाद तेल का प्रवाह धीरे-धीरे युद्ध से पहले के स्तर का लगभग दो-तिहाई हिस्सा तक सुधरा था। शिपिंग डेटा उपलब्ध कराने वाली कंपनी Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, जलडमरूमध्य को पार करने वाले कमोडिटी जहाजों की संख्या घटकर सप्ताहांत में केवल पांच प्रति दिन रह गई है जिससे यह साफ है कि समुद्री रास्ते पर स्थिति अभी भी बहुत नाजुक बनी हुई है। इस रास्ते को पूरी तरह से दोबारा खुलवाने के लिए कतर और ओमान की तरफ से लगातार मध्यस्थता की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन अभी तक इसमें बहुत मामूली सफलता ही हाथ लगी है।

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