अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री संघर्ष तेज, दक्षिणी ईरान के सिरिक शहर में गिरे कई प्रोजेक्टाइल.

Aanya10 September 20263 min read34 viewsWorld
अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री संघर्ष तेज, दक्षिणी ईरान के सिरिक शहर में गिरे कई प्रोजेक्टाइल.

खाड़ी देशों में हालात एक बार फिर से काफी तनावपूर्ण हो गए हैं क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे समुद्री विवाद ने अब खतरनाक रूप ले लेना शुरू कर दिया है। बुधवार, 9 सितंबर 2026 को ईरानी सरकारी मीडिया की तरफ से यह जानकारी सामने आई कि दक्षिणी ईरान के सिरिक इलाके में कई प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइल या रॉकेट जैसे गोले आकर गिरे हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और आम लोगों के बीच डर का माहौल साफ देखा जा सकता है जो इस रास्ते से यात्रा करते हैं या वहां रहते हैं।

ईरान के अंदरूनी बयानों में दिख रहा विरोधाभास

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से सिरिक में इन हमलों की पुष्टि की है, लेकिन इसी बीच एक अन्य समाचार एजेंसी SNN ने यह दावा किया कि सिरिक में किसी भी जगह को निशाना नहीं बनाया गया है। ईरान के अपने ही सरकारी संस्थानों की खबरों में इस तरह के विरोधाभास ने स्थिति को और ज्यादा पेचीदा बना दिया है। इसके अलावा बुधवार को ही केशम द्वीप और मिनब इलाके में भी जोरदार धमाके सुने जाने की खबरें सामने आई हैं। होरमोज़गान प्रांत के अधिकारियों का कहना था कि ये धमाकों जैसी आवाजें समुद्र की दिशा से आ रही थीं, हालांकि शुरुआती समय में किसी भी तरह के नुकसान या किसी व्यक्ति के हताहत होने की कोई तुरंत रिपोर्ट नहीं मिली थी।

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अमेरिकी सेना और ईरान के बीच सैन्य झड़पें

यह ताजा घटनाक्रम पिछले कुछ दिनों से चल रही सैन्य कार्रवाइयों की कड़ी का हिस्सा है। इससे पहले मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की थी कि उन्होंने ईरान के 5 कच्चे तेल के टैंकरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। अमेरिकी सेना का यह कदम तब उठाया गया जब ईरान ने कथित तौर पर अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर हमला करने की कोशिश की थी। इन घटनाओं के बाद अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने 8 सितंबर को एक कड़ी चेतावनी जारी करते हुए साफ कर दिया था कि अमेरिकी युद्धपोतों पर होने वाले हमलों के जवाब में अमेरिका आगे भी ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाता रहेगा। हालांकि, एक अमेरिकी अधिकारी ने 9 सितंबर को यह भी इनकार किया कि उस दिन अमेरिकी सेना फारस की खाड़ी या होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई हमला कर रही थी।

ईरान का तीखा रुख और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का दावा

सितंबर महीने की शुरुआत में ही ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को पूरी तरह से गैरकानूनी और अनुचित करार दिया था। ईरानी सशस्त्र बलों के एक प्रवक्ता ने पहले यह आरोप लगाया था कि अमेरिकी हवाई हमलों ने केशम द्वीप, बंदर खमीर और सिरिक के नागरिक इलाकों को नुकसान पहुंचाया है और एक ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाना चल रहे युद्धविराम का खुला उल्लंघन है। इन दावों के बाद Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने 9 सितंबर को घोषणा की कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए फारस की खाड़ी में अमेरिका के दो जहाजों और आठ तेल टैंकरों पर हमला किया है। इसके साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से प्रतिबंधित और असुरक्षित घोषित कर दिया है। एक ईरानी अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो उनका देश अमेरिका के साथ और भी अधिक तीव्र युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है और अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों का कड़ा जवाब देना जारी रखेगा।

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