US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच फिर बढ़ा तनाव, कुवैत और यूएई में ड्रोन हमले से मची अफरातफरी.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। दोनों देशों के बीच ताजा सैन्य संघर्ष की वजह से पूरी दुनिया में चिंता का माहौल बन गया है, और इसका असर खाड़ी देशों तक साफ दिखाई दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने इस नए सैन्य टकराव पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के कुहेस्ताक इलाके में एक शादी समारोह पर कथित हवाई हमला हुआ, जिसमें कई बेकसूर लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद से हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।
शादी समारोह पर हमले को लेकर बढ़ा विवाद
ईरानी अधिकारियों ने इस हमले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और इसे युद्ध अपराध करार देते हुए इसका कड़ा जवाब देने की बात कही है। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के प्रवक्ता ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाती है। उन्होंने जानकारी दी कि सेना इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अमेरिका का कहना है कि उनके हमले केवल इस्लामिक रिवोल्यूशनल गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों, रडार सिस्टम और सैन्य उपकरणों तक ही सीमित थे। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का कहना है कि यह संघर्ष ज्यादा लंबा नहीं चलेगा, लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ईरान के एविएशन और समुद्री सेक्टर पर सख्त पाबंदियां जारी रहेंगी।
खाड़ी देशों में मंडराया खतरा और हमलों का सिलसिला
इस ताजा सैन्य तनाव का असर खाड़ी देशों की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE, कुवैत, बहरीन और इрак के कुर्दिस्तान क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। कुवैत से मिली जानकारी के मुताबिक, एक रिहायशी इलाके में ईरान का एक ड्रोन आ गिरा, जिससे वहां भीषण आग लग गई गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई। इसके अलावा, होर्मुज जलडममध्य में बारूदी सुरंग की चपेट में आने से दो तेल टैंकरों में आग लग गई, जिसके बाद कतर के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। इस भारी उथल-पुथल के बीच ईरान की करेंसी रियाल में भारी गिरावट दर्ज की गई है, और वहां की मुद्रा गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है।
संयुक्त राष्ट्र की अपील और आगे की कार्रवाई
इस बिगड़ते हालात को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने सभी पक्षों से तुरंत युद्ध रोकने की अपील की है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवीय नियमों का पालन करने और युद्ध के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। फ्रांस ने घोषणा की है कि इस महीने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान पर लगे प्रतिबंधों की निगरानी करने वाले पैनल के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए वोटिंग होगी। आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भी यह मुद्दा प्रमुखता से छाया रहेगा, जिससे खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों और आम नागरिकों की निगाहें भी इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।