अमेरिका और ईरान की जंग में गल्फ देश परेशान, जास्ख तट के पास धमाकों से सहमे लोग.

अमेरिका और ईरान के बीच समंदर में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे गल्फ देशों में रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। 9 सितंबर 2026 को ईरान के जास्ख तट के पास समंदर में जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में अफरातफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गईं। फार्स न्यूज एजेंसी और ईरानी मीडिया ने इस बात की पुष्टि की है कि बंदरगाह शहर के दक्षिणी इलाकों में धमाके की आवाज साफ सुनाई दी थी।
टैंकरों पर हमले और क्रू मेंबर की सुरक्षित निकासी
ईरानी सरकारी टेलीविजन के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने जास्ख के पास एक दूसरे टैंकर को निशाना बनाया, जबकि येकबेनी तट के पास भी ईरानी टैंकरों पर हमले किए गए। इन हमलों के बाद जहाजों पर काम करने वाले क्रू मेंबर को जीवन रक्षक नावों यानी लाइफबोथ के जरिए सुरक्षित जास्ख तट पर पहुंचाया गया। इससे पहले 8 सितंबर 2026 को ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्घ द्वीप के पास भी ऐसे ही धमाके हुए थे, जहां एक अन्य टैंकर पर हमला होने के बाद उसके कर्मचारियों को वहां से निकाला गया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने यह जानकारी दी कि उसके सैनियों ने 8 सितंबर को ईरान के पांच क्रू ऑयल कैरियर नष्ट कर दिए थे। अमेरिकी पक्ष का कहना था कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने पिछले दो दिनों में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइल से दो बार हमले किए थे, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई। अमेरिका का यह कदम तेहरान पर आर्थिक दबाव बनाने के मकसद से उठाया गया था।
खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चेतावनी और मिसाइल हमले
इस पूरी तनातनी के बीच रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कुवैत और बहरीन के पास तेल टैंकरों के क्रू मेंबर को चेतावनी जारी की और कहा कि ये देश अमेरिकी सेना का समर्थन कर रहे हैं। 9 सितंबर को IRGC ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र में दो अमेरिकी जहाजों और आठ तेल टैंकरों पर हमला किया। इसके अलावा, ईरानी बलों ने यह भी कहा कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के एक प्रतिबंधित और असुरक्षित क्षेत्र से गुजरने वाले 10 जहाजों को रोका। तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों की तरफ 20 मिसाइलें दाग दीं। हालांकि, जॉर्डन के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने हवा में ही 18 मिसाइलों को नाकाम कर दिया और इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
व्हाइट हाउस का प्रस्ताव खारिज और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति
दूसरी तरफ, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसेन रेजाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक 'एक्सक्लूजन जोन' यानी प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव रखा था। अमेरिका के व्हाइट House ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से ठुकरा दिया है और साफ कर दिया है कि यह समुद्री रास्ता खुला रहेगा और पूरी तरह से अमेरिकी नियंत्रण में काम करेगा। इस बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों के मन में सुरक्षा को लेकर डर बैठ गया है, क्योंकि इस समुद्री रास्ते से व्यापार और यात्रा प्रभावित हो रही है।