हॉर्मूज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज, अमेरिकी जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला.

हॉर्मूज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य हमलों का दौर शुरू हो गया है। इस इलाके में पिछले 48 घंटे से लगातार तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं। इस ताजा घटनाक्रम से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल पैदा हो गया है, क्योंकि इस क्षेत्र में सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी ड्रोन बोट को बनाया निशाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC की नौसेना ने 6 सितंबर 2026 को एक रिमोट से चलने वाली अमेरिकी ड्रोन बोट पर हमला कर दिया। ईरानी सेना का दावा था कि यह ड्रोन बोट हॉर्मूज जलडमरूमध्य के सुरक्षित इलाकों में घुसने की कोशिश कर रही थी। इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने पुष्टि की है कि ईरानी बलों ने जलडमरूमध्य से गुजर रहे अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर जहाजों USS Truxtun (DDG-103), USS Rafael Peralta (DDG-115) और USS Mason (DDG-87) पर ड्रोन, छोटी नावें और मिसाइलें दागीं। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनके डिफेंस सिस्टम ने सभी खतरों को हवा में ही रोक लिया, जिससे किसी भी अमेरिकी नौसैनिक को चोट नहीं आई और न ही जहाजों को कोई नुकसान पहुंचा।
ईरान और अमेरिका के बीच दावों और पलटवार का सिलसिला
दूसरी तरफ, IRGC ने दावा किया है कि उसके द्वारा किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और एक डिस्ट्रॉयर को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है। इन हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना ने कड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकरों M/T Downy, M/T Stark 1 और M/T Kylo (जिसे Noxen भी कहा जाता है) को निशाना बनाया और उन्हें पूरी तरह से बेकार कर दिया। CENTCOM का कहना है कि ये टैंकर उस अरबों डॉलर के नेटवर्क का हिस्सा थे जो IRGC को फंड मुहैया कराता है।
अमेरिकी कमांडर की कड़ी चेतावनी और ईरान की प्रतिक्रिया
CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर कोई उनके दो जहाजों पर गोली चलाएगा, तो अमेरिका उसके तीन जहाज तबाह करके और भी बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिकी बलों की सुरक्षा के लिए वे ईरान के तेल बेड़े को नष्ट करने में संकोच नहीं करेंगे। वहीं दूसरी तरफ, IRGC ने अनधिकृत मार्गों पर चलने वाले तीन अन्य टैंकरों और अमेरिका से जुड़े तीन जहाजों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है और चेतावनी दी है कि तय रास्तों के अलावा अन्य जलमार्गों का इस्तेमाल करने वाले जहाजों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान की सुप्रीम नेशनल Security Council ने जहाजों से ईरानी तय मार्गों का उपयोग करने, ट्रांजिट शुल्क चुकाने और सर्टिफिकेट लेने की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। इसके अलावा, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई को युद्ध अपराध करार देते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का उल्लंघन बताया है।