अमेरिका की दो टूक, ईरान का साथ देने वाले देशों पर लगेगा कड़ा प्रतिबंध, तनाव बढ़ने से गल्फ देशों में चिंता

अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने हाल ही में एक बड़ा बयान देते हुए साफ कर दिया है कि ईरान को मिलने वाला अंतरराष्ट्रीय समर्थन अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। बढ़ते तनाव के बीच उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान को वित्तीय तंत्र बनाने और पैसा जुटाने में मदद करेगा, उस पर वाशिंगटन द्वारा तुरंत कड़ा प्रतिबंध लगाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी शासन अपनी ही जनता का पैसा भटकाकर हिजबुल्लाह और हमास जैसे समूहों को स्पॉन्सर कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में वैश्विक नौवहन के लिए खतरा पैदा करने वाले किसी भी निकाय को निशाना बनाएगी।
राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इसी दिन टिप्पणी की कि मौजूदा अमेरिकी आर्थिक दबाव और सैन्य हमलों के कारण ईरानी शासन कमजोर हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने आगे कोई जवाबी कार्रवाई की, तो इसके परिणाम और भी अधिक गंभीर होंगे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने 2 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि ईरानी सैन्य ठिकानों पर कई सफल हमले किए गए हैं। इन ठिकानों में एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री संपत्ति, बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताएं और संचार बुनियादी ढांचा शामिल थे। ये ऑपरेशन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC द्वारा वाणिज्यिक शिपिंग को बाधित करने और अमेरिकी सैनिकों पर हमला करने के प्रयासों के जवाब में शुरू किए गए थे।
क्षेत्रीय सैन्य स्थिति और ईरान की प्रतिक्रिया
क्षेत्रीय सैन्य स्थिति काफी खराब हो गई है। IRGC ने दावा किया कि उसने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने इराक के एरबिल में एक अमेरिकी सर्विलांस गुब्बारा नियंत्रण प्रणाली को नष्ट करने और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में एयर बेस पर हमले करने का दावा किया है। ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान खातम् अल-अनबिया ने अमेरिकी अड्डों के खिलाफ अपने ऑपरेशन जारी रखने की कसम खाई है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने क्रूर अपराधों का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख Mohsen Rezaei ने कहा कि ईरान कूटनीति और आर्थिक रक्षा में एक नई रणनीति लागू कर रहा है।
अमेरिका का आर्थिक शिकंजा और गल्फ देशों की प्रतिक्रिया
यह टकराव अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्तियों नियंत्रण कार्यालय द्वारा 24 अगस्त 2026 को Operation Economic Outcast की शुरुआत के बाद हुआ है। यह ऑपरेशन पांच प्रमुख ईरानी क्षेत्रों डिजिटल संपत्ति, तकनीक, सोना, विमानन और शिपिंग को निशाना बनाता है। ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने चेतावनी दी है कि तेहरान के साथ सहयोग करने वाली किसी भी पार्टी को अमेरिकी ताकत का सामना करना पड़ेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य में हाल ही में हुए एक टैंकर हमले से तनाव और बढ़ गया है, जिसमें दो फिलिपिनो नाविकों की मौत हो गई थी। इस घटना की कतर, बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित क्षेत्रीय सहयोगियों ने कड़ी निंदा की है। इस बीच, चीन ने एकतरफा अमेरिकी प्रतिबंधों की निंदा की है और अपने आर्थिक हितों की रक्षा करने का संकल्प लिया है।