अमेरिका और इसराइल के ईरान पर हमले को हुए छह महीने पूरे, सुप्रीम लीडर की मौत के बाद हालात अब भी तनावपूर्ण।

अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए संयुक्त सैन्य अभियान को छह महीने पूरे हो चुके हैं। इस संघर्ष ने दुनिया भर की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर गहरा असर डाला है। यह सैन्य अभियान 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जिसके दौरान तेहरान में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 1 मार्च 2026 को ईरानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर उनकी मौत की पुष्टि की थी। इस बड़े हमले में ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को हवाई हमलों के जरिए निशाना बनाया गया था।
हमले की पूरी रूपरेखा और शुरुआती नुकसान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसराइल की तरफ से पहला हवाई हमला सीआईए की खुफिया मदद और अमेरिकी वायु सेना तथा नौसेना के समर्थन से केवल 60 सेकंड के भीतर अंजाम दिया गया था। इस खतरनाक हमले में ईरान की सुरक्षा लीडरशिप के सात बड़े अधिकारी, उनके परिवार के करीब एक दर्जन लोग और 40 अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारी मारे गए थे। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में खामेनेई के घर को भी बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचने की बात सामने आई थी। इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुप्रीम लीडर की मौत की पुष्टि की थी, जिसके बाद ईरान में 40 दिनों के सार्वजनिक शोक का ऐलान किया गया था।
नया सुप्रीम लीडर और राजनीतिक बदलाव
घटना के कुछ दिनों बाद, यानी 8 मार्च 2026 को फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी होने पर असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने दिवंगत नेता के बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त कर दिया। इस बड़े बदलाव के बाद भी देश की अंदरूनी और बाहरी राजनीति में तनाव कम नहीं हुआ और हालात लगातार नाजुक बने रहे।
संघर्ष विराम और मौजूदा हालात
इस बड़े युद्ध को रोकने के लिए जून 2026 में पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक संघर्ष विराम और समझौता ज्ञापन यानी एमओयू तैयार किया गया था ताकि बड़े पैमाने पर हो रही लड़ाई को रोका जा सके। हालांकि, दोनों पक्षों की तरफ से नियमों के उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं और छिटपुट हमले अभी भी जारी हैं। साल 28 अगस्त 2026 तक की स्थिति के अनुसार, ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और प्रतिबंधों में राहत जैसे मुख्य विवाद अभी भी हल नहीं हो पाए हैं।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 25 अगस्त 2026 को यह आरोप लगाया था कि ईरान ने उनके एक बेटे को मारने की कोशिश की थी। अलजाइज़र इंग्लिश और काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के एक्सपर्ट्स लगातार इस छह महीने पुराने संघर्ष में हुए इंसानी नुकसान, लोगों के बेघर होने और आर्थिक असर पर नजर बनाए हुए हैं।