अमेरिका में मचा हड़कंप, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने सेक्रेटरी ऑफ़ वॉर हेगसेथ को ईरान के खिलाफ दी बड़ी चेतावनी

अमेरिका के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने देश के रक्षा सचिव यानी Secretary of War Pete Hegseth को एक औपचारिक चेतावनी जारी की है। वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि ईरान के खिलाफ चल रहे बड़े पैमाने पर सैन्य अभियानों को और आगे बढ़ाना पूरी तरह से गैर- टिकाऊ है। इस संघर्ष की वजह से देश की सैन्य क्षमता पर भारी असर पड़ रहा है, जिससे अन्य वैश्विक मोर्चों पर आने वाले खतरों से निपटने की ताकत कमजोर हो रही है।
गुप्त दस्तावेजों में सामने आई सैन्य संसाधनों की कमी
यह गंभीर चेतावनी 14 अगस्त 2026 को जारी किए गए Secretary of Defense Orders Book यानी SDOB के एक गुप्त आकलन में दर्ज की गई थी। इस दस्तावेज को महीने में दो बार अमेरिकी बलों और हथियारों की उपलब्धता पर नजर रखने के लिए तैयार किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस चल रहे संघर्ष के कारण अमेरिकी सैन्य संसाधनों पर बहुत अधिक दबाव बन चुका है। हथियारों के मामले में एयर-डिफ़ेंस इंटरसेप्टर और मिसाइलों की भारी कमी हो गई है। इसके अलावा, पेंटागन के पास मौजूद Reaper ड्रोन बेड़े का लगभग एक-चौथाई हिस्सा नष्ट हो चुका है और सैन्य उपकरणों के रखरखाव का शेड्यूल भी पूरी तरह से बिगड़ गया है।
अमेरिकी नौसेना यानी U.S. Navy ने भी इस मामले में अपनी चिंता जताई है और कहा है कि उनके केवल एक-चौथाई विध्वंसक यानी destroyers ही इस समय तैनाती के लिए पूरी तरह तैयार हैं। नौसेना का तर्क है कि मौजूदा सैन्य मांगों को इस तरह से अनिश्चित काल तक जारी नहीं रखा जा सकता है। इस पूरे आकलन में सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुखों के साथ-साथ अमेरिकी यूरोपीय कमान, प्रशांत कमान और दक्षिणी कमान के चार-स्टार कमांडर भी शामिल थे।
सैनिकों की तैनाती पर सैन्य अधिकारियों में मतभेद
सेना और वायु सेना के नेतृत्व ने बलों के विस्तार से सहमति तो जताई, लेकिन साथ ही उन्होंने इसमें बहुत बड़े जोखिम होने की बात भी कही। इसके विपरीत, नौसेना के शीर्ष एडमिरल Samuel Paparo और क्षेत्रीय कमान के नेताओं ने इस आदेश के खिलाफ अपना असंतोष यानी non-concur रुख साफ कर दिया। हालांकि, वे इस आदेश को लागू करने के प्रति प्रतिबद्ध बने रहे। इस पूरी रिपोर्ट के सामने आने के बाद पेंटागन ने आधिकारिक तौर पर इस रिपोर्ट को फर्जी खबर यानी fake news करार दिया है। पेंटागन ने इस गुप्त आकलन पर खुलकर बात करने से इनकार किया और यह कहा कि सेना की टुकड़ियों की तैनाती राष्ट्रपति की प्राथमिकताओं, मौजूदा खतरों और सैन्य कमांडरों की सलाह के आधार पर ही तय की जाती है।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump तेहरान पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के माध्यम से सैन्य विकल्पों को खुला रखा गया है, जिसके तहत वर्तमान में इस ऑपरेशन के लिए 50,000 से अधिक सैनिकों को अलर्ट पर रखा गया है। इस पूरी रिपोर्ट और अमेरिकी सैन्य स्थिति के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप The Washington Post की मूल रिपोर्ट और अमेरिकी युद्ध विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।