अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, तेहरान को आर्थिक रूप से तोड़ने के लिए तेल टैंकरों को बनाया जा रहा है निशाना।

अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने हाल ही में दक्षिण अमेरिका के दौरे के दौरान एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगी और ईरानी तेल टैंकरों को लगातार निशाना बनाया जाएगा। Marco Rubio ने कोलंबिया और इक्वाडोर से बात करते हुए यह स्पष्ट किया कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान को आर्थिक रूप से पूरी तरह से कमजोर करना है ताकि वह अपनी हरकतों से बाज आए।
टैंकरों पर हमले और सैन्य तनाव
यह पूरा मामला तब और ज्यादा गरमा गया जब अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी कि अमेरिकी कार्रवाई में ईरान के पांच कच्चे तेल के टैंकर पूरी तरह तबाह कर दिए गए हैं। यह जवाबी कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC द्वारा पिछले दो दिनों में अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर दो बार बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने के बाद की गई थी। इन ताजा हमलों के बाद पिछले एक हफ्ते में अमेरिका द्वारा नष्ट किए गए ईरानी तेल टैंकरों की कुल संख्या दस हो गई है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जब तक ईरान अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाना बंद नहीं करता, तब तक उसके टैंकरों को इसी तरह नुकसान उठाना पड़ेगा।
जॉर्डन के एयर बेस पर जवाबी हमला
अपनी संपत्तियों के विनाश से बौखलाए ईरान ने बुधवार, 9 सितंबर 2026 को इसका कड़ा जवाब देने की कोशिश की। ईरान ने जॉर्डन में बने Al Azraq एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं, जहां अमेरिकी सेना के जवान भी तैनात रहते हैं। हालांकि जॉर्डन की एयर डिफेंस प्रणाली ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए कुल बीस आने वाली मिसाइलों में से अठारह को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया, जबकि दो मिसाइलें किसी सुनसान इलाके में आकर गिरीं। इसके अलावा IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अन्य जहाजों और अमेरिकी नौकाओं पर हुए हमलों की जिम्मेदारी भी ली है, जिससे खाड़ी देशों में तनाव काफी बढ़ गया है।
आर्थिक प्रतिबंध और ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट
सैन्य टकराव के साथ-साथ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का प्रशासन ईरान पर दबाव बनाने के लिए आर्थिक हथियारों का भी खुलकर इस्तेमाल कर रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार, 8 सितंबर को अमेरिका ने ईरानी एयरलाइंस पर नए और कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। इससे पहले अगस्त महीने के आखिर में ट्रेजरी सचिव Scott Bessent के नेतृत्व में Operation Economic Outcast नाम से एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई थी। इस वित्तीय अभियान का मुख्य मकसद ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian की सरकार को आर्थिक मोर्चे पर घेरना और उन्हें अपनी नीतियों में बदलाव करने के लिए मजबूर करना है ताकि क्षेत्र में शांति कायम हो सके।