अमेरिका के ईरान में शादी पर हमले से हिला गल्फ, कुवैत और यूएई में भड़की आग, 5 की मौत.

Nura Basta6 September 20263 min read27 viewsWorld
अमेरिका के ईरान में शादी पर हमले से हिला गल्फ, कुवैत और यूएई में भड़की आग, 5 की मौत.

हाल ही में ईरान के होर्मुजगंज प्रांत के सिरिक काउंटी के कुहेस्तक इलाके में एक शादी समारोह के दौरान हुए अमेरिकी हवाई हमले में पांच लोगों की जान चली गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और आम लोगों के बीच भारी डर देखा जा रहा है। इस दर्दनाक हमले में कई मासूम बच्चे भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं

1 सितंबर 2026 को रात लगभग 9:30 बजे यह हमला हुआ जब लोग एक शादी की खुशियां मना रहे थे। अचानक हुए इस हमले से वहां अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ चीख-पुकार गूंज उठी। आईआरएनए न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस घातक हमले में मरने वालों में एक 16 साल का किशोर Mohammad Mallahi और एक 4 साल का बच्चा Amirali Karimi भी शामिल है। इसके अलावा Zarkhatoon Taheri और Kolsum Mallahi Nazhdnia की भी जान चली गई, जबकि एक 22 साल की युवती ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस भयानक हादसे में लगभग 63 से 70 लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।

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सर्वाइवर्स और हथियारों की जानकारी

हमले से पहले स्थानीय लोगों ने आसमान में फाइटर जेट्स की आवाजें सुनी थीं, जिसके तुरंत बाद जोरदार धमाका हुआ। इस धमाके से आसपास की इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा और मलबा दूर-दूर तक जा गिरा। एक बच्चे ने बताया कि धमाके के बाद ईंट, पत्थर और सीमेंट के टुकड़े सीधे उसके चेहरे और सिर पर आकर लगे। हथियार विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला अमेरिकी हथियार जैसे Joint Standoff Weapon (JSOW) या SLAM-ER cruise missile से किया गया हो सकता है।

आधिकारिक बयान और जांच की मांग

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने इस हमले को युद्ध अपराध करार दिया है और इसकी कड़ी निंदा की है। ईरानी रेड क्रसेंट ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट यानी ICC से इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की औपचारिक मांग की है। वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने भी इस घटना में नागरिकों के हताहत होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

दूसरी ओर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने पुष्टि की है कि अमेरिका इस घटना की जांच कर रहा है। हालांकि उन्होंने रिपोर्टों पर अत्यधिक संदेह जताते हुए कहा कि अमेरिकी सेना जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बनाती है। एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जांचकर्ता इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या यह हमला किसी भटके हुए ईरानी एयर डिफेंस मिसाइल या इंटरसेप्टर की वजह से हुआ था।

गल्फ देशों पर इसका असर

इस घटना के बाद हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने इसके जवाब में कुवैत, जॉर्डन और यूएई में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर जवाबी कार्रवाई की है। इस तरह के हमलों और तनाव का असर खाड़ी देशों में रह रहे आम प्रवासियों और कामगारों पर भी पड़ रहा है। जो लोग इन देशों में रहकर अपनी आजीविका चला रहे हैं, वे सुरक्षा के लिहाज से काफी डरे हुए हैं। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी आप IRNA News Agency की रिपोर्ट पर देख सकते हैं।

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