अमेरिका और वेनेजुएला के बीच हुआ 25 साल का बड़ा ऑयल डील, ट्रंप ने बताया इतिहास का सबसे बड़ा समझौता।

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा समझौता हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को इस ऐतिहासिक समझौते का ऐलान किया। उन्होंने इसे दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा ऑयल डील बताया है। इसके बाद वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति Delcy Rodriguez ने शनिवार, 29 अगस्त 2026 को इस 25-साल के समझौते की पुष्टि की। इसे देश के कमजोर पड़ चुके तेल उद्योग और अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी आप WAM की रिपोर्ट में देख सकते हैं।
समझौते से जुड़ी मुख्य बातें और योजना
इस नए समझौते के तहत कुल 17 रणनीतिक तेल क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। इन सभी क्षेत्रों में लगभग 65 बिलियन बैरल तेल का रिजर्व मौजूद है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला के तेल उत्पादन को बढ़ाकर शुरुआती तौर पर रोजाना 1.5 मिलियन बैरल से अधिक करना है। इस डील की शर्तों के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने एक अज्ञात वेनेजुएला की निजी कंपनी के साथ मिलकर एक नया संगठन बनाया है। इस नई कंपनी को इन तेल क्षेत्रों को विकसित करने के लिए पूरे 100 साल के अधिकार दिए गए हैं। अमेरिका के पास इस कंपनी के उत्पादन का 55% हिस्सा रहेगा। इसके साथ ही अमेरिका को यह अधिकार भी मिला है कि वह अपनी रणनीतिक रिजर्व जरूरतों और सैन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लागत मूल्य पर तेल खरीद सकेगा।
वित्तीय आंकड़े और आर्थिक लाभ
वित्तीय अनुमानों के अनुसार इस समझौते से वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश आ सकता है। इसके अलावा काराकस की सरकार को टैक्स के रूप में 209 बिलियन डॉलर से अधिक की कमाई होने की उम्मीद है। राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि इस पहल से अमेरिकी आम नागरिकों के लिए पेट्रोल की कीमतों में कमी आएगी। इस डील को तय करने के लिए लंबी बातचीत चली थी जिसका नेतृत्व राष्ट्रपति Donald Trump, विदेश मंत्री Marco Rubio और रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने किया था। विदेश मंत्री Marco Rubio ने इस सौदे को दोनों देशों के लिए एक बड़ी जीत बताया।
राजनीतिक विरोध और भविष्य की चुनौतियां
वेनेजुएला की सत्तारूढ़ पार्टी United Socialist Party of Venezuela (PSUV) ने प्रतिबंधों से निपटने के एक बड़े साधन के रूप में इस समझौते का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया है। हालांकि इस डील का विरोध भी शुरू हो गया है। अमेरिका के डेमोक्रेटिक सीनेटर Chris Van Hollen और Tim Kaine ने प्रशासन की आलोचना की है। उन्होंने अमेरिकी सेना से जुड़े जोखिमों और निजी मुनाफे को ज्यादा अहमियत देने पर चिंता जताई है। इसके अलावा वेनेजुएला के आम लोगों के बीच भी पारदर्शिता और देश की संप्रभुता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही इस समझौते से देश में लंबे समय के लिए स्थिरता आने की उम्मीद है, लेकिन जानकारों का यह भी कहना है कि वेनेजुएला की मौजूदा खराब बुनियादी संरचना की वजह से वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई पर इसका असर दिखने में थोड़ा समय लग सकता है।