अमेरिका का बड़ा बयान, ईरान को अकेला करने में चीन दे रहा है साथ, वाइट हाउस ने दी जानकारी।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने गुरुवार को यह साफ कर दिया है कि ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करने के मामले में चीन अमेरिका का साथ देने के लिए तैयार है। व्हाइट हाउस में हुई एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने बीजिंग की तारीफ करते हुए कहा कि चीन तेहरान के मुकाबले काफी जिम्मेदार देश की तरह बर्ताव कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय विवादों के दौरान चीन कमर्शियल जहाजों को निशाना नहीं बनाता है और इस मामले में उसका रवैया सकारात्मक रहा है।
चीन और अमेरिका के बीच बनी सहमति
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि चीन अमेरिका की हर बात मान रहा है। हालांकि, जब बात चीनी बैंकों द्वारा ईरान को वित्तीय सेवाएं देने पर रोक लगाने की आई, तो बीजिंग ने इस मामले में काफी जिम्मेदारी दिखाई और अमेरिका की चिंताओं पर ध्यान दिया। अमेरिका और ईरान के बीच इस समय किसी भी तरह की सीधी बातचीत नहीं चल रही है। वाइट हाउस का यह रुख तब सामने आया है जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक नया अभियान शुरू किया है।
ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट की शुरुआत
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने हाल ही में Operation Economic Outcast नाम के एक नए अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों जैसे कि तेल, विमानन, शिपिंग और डिजिटल संपत्तियों को निशाना बनाना है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि जब तक तेहरान कमर्शियल जहाजों पर अपने हमले बंद नहीं करता, तब तक ईरान के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन ईरान के नेतृत्व पर दबाव बनाने के लिए आर्थिक, सैन्य, कूटनीतिक और गुप्त उपायों सहित सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा
दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने उसी दिन बयान देते हुए कहा कि उनकी सेना द्वारा किए गए अभियानों ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से सफलतापूर्वक रोक दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायु सेना और कमांड ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस संघर्ष में अपनी अंतिम जीत को लेकर पूरा भरोसा जताया और कहा कि यह अब केवल कुछ समय की बात है। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाले कच्चे तेल के शिपिंग लगभग पुराने स्तर पर लौट आए हैं क्योंकि समुद्री मार्गों को सुरक्षित करने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
खाड़ी देशों का मिल रहा है साथ
ईरान की हरकतों पर लगाम कसने के लिए अमेरिका को कई क्षेत्रीय देशों का साथ मिल रहा है। उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि Türkiye, Azerbaijan, UAE, Saudi Arabia और Qatar जैसे देश समुद्री गतिविधियों के लिए ईरान को जवाबदेह ठहराने में अमेरिका की मदद कर रहे हैं। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी आप ANI News और ANI World News की रिपोर्ट में देख सकते हैं।