नेपाल बाढ़ और भूस्खलन: अमेरिका ने बढ़ाई मदद, लापता नागरिकों की तलाश के लिए काठमांडू को दिया बड़ा ऑफर

Sushma Kumari28 August 20263 min read34 viewsWorld
नेपाल बाढ़ और भूस्खलन: अमेरिका ने बढ़ाई मदद, लापता नागरिकों की तलाश के लिए काठमांडू को दिया बड़ा ऑफर

नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी जल आपदा और बाढ़ के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस संकट की घड़ी में अमेरिका सरकार ने नेपाल के प्रति गहरी चिंता जताई है और प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चलाने के लिए हरसंभव मदद देने की पेशकश की है। अमेरिकी प्रशासन लगातार नेपाली अधिकारियों के संपर्क में है ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके और लापता लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी और लापता नागरिकों का आंकड़ा

नेपाल पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को आई भयानक बाढ़ की वजह से 1,400 से ज्यादा लोग लापता हो चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ, चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार तिब्बत के प्रभावित क्षेत्रों में 558 लोग लापता हैं, जिनमें से 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इस बात की जानकारी दी कि उनका प्रशासन नेपाल सरकार के साथ लगातार बातचीत कर रहा है और अमेरिकी अधिकारी नेपाली नेताओं के संपर्क में हैं।

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नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिकमत सिंह अय्यर ने यह पुष्टि की है कि इस आपदा में कम से कम 65 अमेरिकी नागरिक भी लापता लोगों में शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी राहत भरी खबर दी कि रसुवा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से कुल 27 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिनमें दो अमेरिकी नागरिक (एक पुरुष और एक महिला) भी शामिल हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता के अनुसार, नेपाल में प्रभावित होने वाले कुल अमेरिकी नागरिकों की संख्या लगभग 90 तक हो सकती है, लेकिन राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी अमेरिकी नागरिक की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दूतावास की अपील और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर

नेपाल में स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस प्राकृतिक आपदा में अपनी जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। दूतावास ने जानकारी दी है कि वह लापता अमेरिकी नागरिकों का जल्द से जल्द पता लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसके साथ ही, नेपाल के बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे सभी अमेरिकी नागरिकों से यह अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपने परिवारों, होटलों, टूर गाइडों या ट्रैकिंग कंपनियों से संपर्क करें। हालांकि, दूतावास ने यह भी साफ किया है कि आपदा की वजह से इलाके में संचार व्यवस्था अभी भी बुरी तरह से बाधित है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों की मदद के लिए विशेष नंबर जारी किए हैं। जरूरतमंद अमेरिकी नागरिक सहायता प्राप्त करने के लिए +1-202-501-4444 पर फोन कर सकते हैं। इसके अलावा, जो परिवार और दोस्त अपने प्रियजनों की सलामती को लेकर चिंतित हैं, वे टोल-फ्री नंबर +1-888-407-4747 पर संपर्क स्थापित कर सकते हैं। विदेश विभाग लगातार इस पूरी स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और राहत कार्यों में सहयोग के लिए एक विशेष सलाहकार को भी नेपाल भेजा जा रहा है। साथ ही, राहत कार्यों को गति देने के लिए कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज को 500,000 डॉलर की ग्रांट भी प्रदान की जा रही है।

तीर्थयात्रा पर गए लोगों की स्थिति और अन्य मामले

भारतीय आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु वासुदेव के संगठन ईशा फाउंडेशन की प्रतिनिधि लेस्ली क्रेस्पी ने बताया कि इस आपदा के दौरान उनके संगठन से जुड़े 80 लोग लापता हो गए हैं। ये सभी लोग कैलाश मानसरोवर की पवित्र तीर्थयात्रा पर गए हुए थे और इस यात्रा में कुल 1,000 लोग शामिल थे। क्रेस्पी ने जानकारी दी कि लापता हुए ये 80 लोग कुल 19 अलग-अलग देशों से ताल्लुक रखते हैं, जिनमें 22 अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं।

अमेरिका के रहने वाले दीपक डंडू ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उनकी पत्नी श्रीदेवी वेजेला भी नेपाल में लापता हुए लोगों में शामिल हैं। उनकी पत्नी ने ईशा फाउंडेशन के साथ तिब्बत में कैलाश पर्वत की तीर्थयात्रा पूरी की थी और वे चीन के रास्ते नेपाल में प्रवेश कर रही थीं, ठीक उसी दौरान यह भयानक बाढ़ आ गई। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि वह स्थिति सामान्य होने तक हरसंभव सहायता प्रदान करता रहेगा।

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