गाजा के युद्धग्रस्त खंडहरों से ऐतिहासिक अवशेषों को बचाने के लिए आगे आए वॉलंटियर्स, बचा रहे हैं सांस्कृतिक विरासत

Aanya30 August 20262 min read14 views
गाजा के युद्धग्रस्त खंडहरों से ऐतिहासिक अवशेषों को बचाने के लिए आगे आए वॉलंटियर्स, बचा रहे हैं सांस्कृतिक विरासत

गाजा के युद्धग्रस्त इलाकों में चल रहे संघर्ष के बीच इतिहास और संस्कृति को बचाने के लिए एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। "Guardians of Heritage" समूह के वॉलंटियर्स गाजा के मलबे से ऐतिहासिक अवशेषों को सुरक्षित बाहर निकालने के काम में जुटे हुए हैं ताकि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को बचाया जा सके। यह बचाव अभियान मुख्य रूप से दीर अल-बलाह के Abu Salim Mosque पर केंद्रित है, जिसे 24 अगस्त 2026 को हुए एक इजरायली हमले में भारी नुकसान पहुंचा था।

ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित करने का प्रयास

साल 1951 में बनी यह मस्जिद अब वॉलंटियर्स, मायसिर एसोसिएशन फॉर कल्चर एंड आर्ट्स और दीर अल-बलाह नगर पालिका के संयुक्त प्रयासों का केंद्र बन गई है। अभियान की समन्वयक Shaimaa al-Natour ने इस पूरी प्रक्रिया को एक एहतियाती संरक्षण उपाय बताया है। वॉलंटियर्स मलबे के बीच से पुराने पत्थरों, ऐतिहासिक संगमरमर के खंभों और क्षतिग्रस्त किताबों को सावधानीपूर्वक ढूंढकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। दीर अल-बलाह के मेयर Khalil Abu Samra ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में इस मस्जिद का पुनर्निर्माण 'गार्डियंस ऑफ हेरिटेज' और 'गार्डियंस ऑफ द होमलैंड' द्वारा किया जाएगा।

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गाजा में सांस्कृतिक विनाश का पैमाना

फिलिस्तीनी पर्यटन और पुरावशेष मंत्रालय के Hamouda Al-Dahdar के अनुसार, गाजा में सांस्कृतिक तबाही का स्तर बहुत बड़ा है। 4 अगस्त 2026 तक मिले आंकड़ों के मुताबिक, गाजा के 380 पुरातात्विक स्थलों में से 220 पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं और लगभग 20,000 कलाकृतियां गायब बताई जा रही हैं। इसके अलावा, गाजा के बंदोबस्त मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 1,275 मस्जिदों में से 1,050 मस्जिदें नष्ट हो चुकी हैं और 191 को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है।

अंतर्राष्ट्रीय संगठन और निगरानी

अंतर्राष्ट्रीय संगठन इस भारी तबाही पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र उपग्रह केंद्र UNOSAT द्वारा 16 जून 2026 को जारी आकलन के मुताबिक, गाजा पट्टी में कुल इमारतों का 82 प्रतिशत हिस्सा यानी 201,290 इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें से 134,422 संरचनाएं पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। इसके अलावा UNESCO ने जुलाई 2026 तक 164 धरोहर स्थलों पर नुकसान की पुष्टि की है और वे स्थिति का आकलन कर रहे हैं। अल-करार और राफा जैसे संग्रहालयों से कलाकृतियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ALIPH जैसे समूहों ने आपातकालीन फंड भी मुहैया कराया है। 'गार्डियंस of हेरिटेज' के लिए यह काम मौजूदा संघर्ष के बीच फिलीस्तीनी पहचान और सामूहिक यादों को बचाए रखने का एक अहम जरिया है।

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