West Bank में इसराइल के सख्त नियमों से अर्थव्यवस्था बर्बादी की कगार पर, चेकपॉइंट्स बढ़कर हुए 925

वेस्ट बैंक में इसराइल की सेना द्वारा लगाए गए सख्त नियमों और मिलिट्री चेकपॉइंट्स की संख्या में भारी बढ़ोतरी के कारण वहां की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से संकट में आ गई है। आम लोगों का आना-जाना बहुत ज्यादा मुश्किल हो गया है और कारोबार ठप होने की कगार पर पहुंच गए हैं। संयुक्त राष्ट्र की संस्था UN OCHA और Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2026 तक वेस्ट बैंक में इसराइल के मिलिट्री चेकपॉइंट्स बढ़कर 925 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, जो पिछले सालों के औसत से 43 प्रतिशत ज्यादा हैं।
वेस्ट बैंक की अर्थव्यवस्था पर भारी असर
फलस्तीन के अर्थव्यवस्था मंत्री Mohammed al-Amour ने 24 जुलाई 2026 को यह जानकारी दी कि इस समय 1,100 से ज्यादा मिलिट्री चेकपॉइंट्स और रास्ते रोकने वाले गेट लोगों के आने-जाने में रुकावट पैदा कर रहे हैं। इन पाबंदियों की वजह से वेस्ट बैंक की अर्थव्यवस्था में साल 2023 से अब तक कम से कम 23 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई है, जिससे जीडीपी साल 2009 के स्तर पर पहुंच गई है। बेरोजगारी की दर बढ़कर लगभग 30 प्रतिशत हो गई है और 1,50,000 से लेकर 2,00,000 तक नौकरियां खत्म हो चुकी हैं। इसराइल ने अक्टूबर 2023 के बाद से कामगारों के परमिट रद्द कर दिए थे, जिसके बाद से हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं। रोजाना काम के घंटे कम होने से हर दिन लगभग $764,600 यानी महीने के हिसाब से $16.8 मिलियन का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, अक्टूबर 2023 के बाद से ट्रैफिक की आवाजाही में 51.7 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई है।
वित्तीय संकट और बैंकिंग सेवाएं खतरे में
फलस्तीनी प्राधिकरण यानी PA इस समय बहुत बड़े वित्तीय संकट से जूझ रहा है क्योंकि इसराइल ने टैक्स का पैसा देना रोक रखा है और मई 2025 से कोई ट्रांसफर नहीं किया गया है। वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 के बाद से टैक्स से मिलने वाले राजस्व में से मासिक कटौती 200 मिलियन शेकेल से बढ़कर 500 मिलियन शेकेल हो गई है। हालात तब और बिगड़ गए जब इसराइल के दो बड़े बैंकों, Israel Discount Bank और Bank Hapoalim ने जुलाई 2026 में फलस्तीनी बैंकों को यह नोटिस दिया कि वे 1 सितंबर और 1 अक्टूबर 2026 तक अपनी सेवाएं पूरी तरह बंद कर देंगे। इससे फलस्तीनी बैंकों का संबंध पूरी दुनिया की बैंकिंग व्यवस्था से कटने का खतरा पैदा हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और जमीन अधिग्रहण
दूसरी तरफ ब्रिटेन सरकार द्वारा वेस्ट बैंक की बस्तियों के साथ व्यापार पर प्रतिबंध लगाने के बाद से राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है। ब्रिटेन के विदेश मंत्री Ed Miliband ने वहां के उग्रवादियों पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके जवाब में इसराइल के विदेश मंत्री Gideon Sa'ar ने संयुक्त सैन्य केंद्र से ब्रिटिश प्रतिनिधियों को बाहर निकालने और फलस्तीनी सुरक्षा बलों को दी जाने वाली ब्रिटेन की ट्रेनिंग को बंद करने का ऐलान कर दिया। इसके अलावा, Amnesty International ने जुलाई 2026 में यह रिपोर्ट दी कि इसराइल ने जेनिन इलाके में बस्तियों का विस्तार करने के लिए कम से कम 15 जमीन जब्ती के आदेश जारी किए हैं, जिसके तहत 200 dunams जमीन ली गई है। UNCTAD के पुराने अनुमान के मुताबिक, साल 2000 से 2024 के बीच इस तरह की आवाजाही की पाबंदियों के कारण कुल मिलाकर $200 बिलियन का आर्थिक नुकसान हो चुका है।