West Bank में इसराइली सेटलर्स का हमला, फलस्तीनी परिवार और विदेशी पत्रकारों को बनाया निशाना.

Sushma Kumari29 August 20262 min read13 viewsWorld
West Bank में इसराइली सेटलर्स का हमला, फलस्तीनी परिवार और विदेशी पत्रकारों को बनाया निशाना.

शनिवार, 29 अगस्त 2026 को वेस्ट बैंक के ज्लूद गांव में हालात तब तनावपूर्ण हो गए जब इसराइली सेटलर्स ने एक फलस्तीनी परिवार और वहां मौजूद विदेशी पत्रकारों के समूह पर अचानक हमला बोल दिया। इस घटना ने एक बार फिर से क्षेत्र में लगातार बढ़ रही हिंसा और आम लोगों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और मीडियाकर्मियों के लिए यह दिन बेहद डरावना रहा, जहां हमलावरों ने कानून को ताक पर रखकर सरेआम हिंसा को अंजाम दिया।

गाड़ियों में तोड़फोड़ और मारपीट

वाफा समाचार एजेंसी से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने मीडिया क्रू की गाड़ी को बुरी तरह से तोड़ डाला और वहां मौजूद लोगों के साथ शारीरिक मारपीट भी की। यह पूरी घटना महकमे महमूद अल-तुबासी और उनकी पत्नी के घर के पास हुई, जिन्हें पहले भी उनके घर से जबरन हटाया जा चुका था। दक्षिणी نابلس (Nablus) में बस्तियों की गतिविधियों पर नजर रखने वाले एक्टिविस्ट बशर अल-कार्योती ने इस बात की पुष्टि की है कि हमलावरों ने सीधे तौर पर परिवार और उनके साथ आए मीडियाकर्मियों को ही अपना निशाना बनाया था।

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हिंसा का बढ़ता दायरा और अन्य घटनाएं

यह हमला क्षेत्र में फैली हिंसा के एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है। इसी दिन सामने आई दूसरी रिपोर्टों के अनुसार, इसराइली सुरक्षा बलों ने अल-अमरी शरणार्थी शिविर में गोलीबारी कर दो फलस्तीनियों को घायल कर दिया, जिसमें एक 15 साल का बच्चा भी शामिल था। इसके अलावा, वेस्ट बैंक के अलग-अलग गवर्नरेट में अवैध इसराइली सेटलर्स के हमलों में काफी तेजी आई है, जिसकी वजह से बेथलेहेम के पास कम से कम एक व्यक्ति के घायल होने की खबर भी सामने आई है.

आधिकारिक रिपोर्ट और कमीशन की चेतावनी

फलस्तीनी उपनिवेशवाद और दीवार प्रतिरोध आयोग की तरफ से 29 अगस्त 2026 को एक रिपोर्ट जारी की गई थी। इस रिपोर्ट में एक बहुत ही गंभीर आंकड़े का खुलासा किया गया है जिसके मुताबिक, जनवरी 2023 से लेकर 10 जुलाई 2026 के बीच फलस्तीनी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए कुल 900 आगजनी की घटनाएं हुईं, जिनमें से लगभग 89 प्रतिशत मामलों में इसराइली कब्जा करने वाले लोग जिम्मेदार रहे हैं। आयोग ने अपनी चेतावनी में कहा है कि अवैध सेटलमेंट आउटपोस्ट का इस्तेमाल तेजी से ऐसे हमलों के लिए बेस के रूप में किया जा रहा है। इसके साथ ही, आयोग ने इस बात पर भी जोर दिया कि मौजूदा सरकारी माहौल सेटलर्स को पूरी सुरक्षा दे रहा है और उन्हें बिना किसी डर के हिंसा करने की छूट मिल रही है, जिससे स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है।

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