West Bank में सेटलर हमले के बाद बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती।

पश्चिमी किनारे यानी West Bank के कब्जे वाले इलाके में हिंसा की एक बहुत ही दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ के Burqa गांव में इजरायली सेटर्स के हमले के बाद एक बुजुर्ग फलस्तीनी महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह पूरी घटना 1 सितंबर 2026 की है, जब पीड़ित महिला फातिमा मुक्तात्तम अपने पति के साथ मिलकर अपने मवेशियों को बचाने की कोशिश कर रही थी। सेटर्स उनके मवेशियों को चुराने की कोशिश कर रहे थे और जब इस बुजुर्ग दंपति ने इसका विरोध किया, तो उन पर हमला कर दिया गया। इस हमले में फातिमा के सिर पर बहुत गंभीर चोट आई है, जिसकी पुष्टि फलस्तीनी रेड क्रेसेंट इमरजेंसी सर्विस ने भी की है। आम लोगों के बीच इस तरह की हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे वहाँ रहने वाले स्थानीय निवासियों का जीना बहुत मुश्किल हो गया है।
Burqa गांव में लगातार हो रही है हिंसा
इस ताजा घटना से ठीक एक दिन पहले यानी 31 अगस्त 2026 को भी इसी गांव में एक और बड़ा हमला हुआ था। Burqa के मेयर सायेल कनान ने इस बात की जानकारी दी है कि उस दिन कुछ सेटर्स ने गांव के अंदर घुसकर लाठियों और पत्थरों से स्थानीय लोगों पर हमला बोल दिया था। हमलावरों ने वहाँ खड़े एक वाहन के कबाड़खाने, एक ट्रैक्टर और भेड़ों के बाड़े में आग लगाने की भी कोशिश की थी। उस पुरानी घटना में पचास साल की उम्र की एक महिला के सिर से खून बहने लगा था और उसके दस साल के बेटे पर किसी ने पेपर स्प्रे छिड़क दिया था। फलस्तीनी अथॉरिटी की न्यूज एजेंसी WAFA के अनुसार, जब इस मामले की सूचना मिली तो इजरायली सेना मौके पर पहुँची और उन्होंने भीड़ को हटाने के लिए कार्रवाई की। इस दौरान कुछ फलस्तीनियों को हिरासत में भी लिया गया, लेकिन किसी भी इजरायली सेटर को गिरफ्तार किए जाने की कोई खबर सामने नहीं आई है। इजरायल डिफेंस फोर्सेस यानी IDF की तरफ से इन सभी आरोपों पर कोई भी तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
मानवीय संस्थाओं की रिपोर्ट और मवेशियों की चोरी
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही इस अशांति और हिंसा को लेकर अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय संस्थाओं ने गहरी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय यानी OCHA ने अपने दस्तावेजों में यह साफ बताया है कि सेटर्स की हिंसा में लगातार तेजी आ रही है। जॉर्डन घाटी में इस तरह की हिंसा की घटनाएं, जिनमें लोगों को चोटें लगती हैं या संपत्ति का नुकसान होता है, साल 2020 में महीने की सिर्फ दो हुआ करती थीं। लेकिन साल 2026 के शुरुआती चार महीनों में यह आंकड़ा बढ़कर हर महीने 27 घटनाओं तक पहुँच गया है। इसके अलावा, फलस्तीनी कृषि मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल यानी 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक सेटर्स द्वारा लगभग 4,000 मवेशियों को चुराया जा चुका है। इजरायल के ही एक मानवाधिकार संगठन B’Tselem ने भी यह बात दर्ज की है कि साल 2026 के पहले पांच महीनों में मवेशियों की चोरी की कुल 17 घटनाएं हुई हैं। इन संगठनों का यह भी कहना है कि इनमें से कई मामले बहुत ही सुनियोजित तरीके से अंजाम दिए गए और कुछ मौकों पर तो इजरायली सैनिकों ने खुद अपनी आँखों से सेटर्स को ऐसा करते देखा लेकिन उन्होंने उन्हें रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।