यमन में हवाई हमले: अमरान के हरफ सुफ़यान जिले पर बमबारी

यमन के अमरान प्रांत के हरफ सुफ़यान जिले में हूती नियंत्रित इलाके पर कई हवाई हमले होने की खबर है। सऊदी गठबंधन के ऑपरेशन और विस्थापन के आंकड़े जानें।

Nura Basta11 October 20262 min read16 viewsYemen
यमन में हवाई हमले: अमरान के हरफ सुफ़यान जिले पर बमबारी

अमरान (यमन): यमन के अमरान प्रांत के हरफ सुफ़यान जिले में 11 अक्टूबर 2026 को हवाई हमलों की एक श्रृंखला हुई। यह इलाका इस समय हूती बलों के नियंत्रण में है। हूती समर्थक मीडिया का दावा है कि "आक्रामक" विमानों ने इस क्षेत्र पर कई बार हमले किए। अलग-अलग रिपोर्टों में हमलों की संख्या सात से आठ बताई गई है।

ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब पूरे यमन में लड़ाई तेज़ हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रुंडबर्ग ने 9 अक्टूबर को चेतावनी दी थी कि यमन फिर से पूर्ण पैमाने के युद्ध की ओर लौट चुका है। उनकी इस चेतावनी के बाद हालात और बिगड़ते दिख रहे हैं।

सऊदी गठबंधन का अभियान और दोनों पक्षों के आरोप

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सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी के अनुसार गठबंधन का अभियान सिर्फ हूती सैन्य क्षमताओं को निशाना बना रहा है। गठबंधन ने दावा किया है कि उसने 136 सैन्य ठिकानों को नष्ट किया है। यह अभियान "ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन" के नाम से चल रहा है, जिसका मकसद सना को फिर से अपने नियंत्रण में लेना बताया गया है। गठबंधन ने यमन की सरकारी सेनाओं को हवाई सहायता जारी रखने का भी वादा किया है।

दूसरी ओर हूती सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यहया सारी ने आरोप लगाया है कि सऊदी हमले नागरिक ठिकानों को भी निशाना बना रहे हैं। उन्होंने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। हूती बलों ने हाल में सऊदी अरब के भीतर ड्रोन और मिसाइल हमलों की ज़िम्मेदारी भी ली है, जिनमें रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाने का दावा शामिल है।

बीते 24 घंटों, यानी 10 अक्टूबर तक के आंकड़ों के मुताबिक सऊदी अरब ने अमरान समेत कई प्रांतों में 77 हवाई हमले और मिसाइल हमले किए। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

इस लड़ाई का असर आम लोगों पर भी पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के अनुसार हाल के हफ्तों में बढ़ी लड़ाई के कारण दो लाख से ज़्यादा लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं। अमरान और आसपास के इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए आने वाले दिन और मुश्किल हो सकते हैं।

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