सऊदी अरब पर बड़ा हमला, कतर में यमन के राजदूत ने कहा कि हौथी चाहते हैं क्षेत्रीय तनाव.

यमन के कतर में राजदूत Rajeh Hussain Farhan Badi ने 9 सितंबर 2026 को एक बड़ा बयान दिया जिसमें उन्होंने बताया कि हौथी विद्रोही सऊदी अरब को एक बड़े संघर्ष में धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। हौथी गुट लगातार सऊदी अरब की जमीन, वहां के लोगों और लाल सागर में सऊदी से जुड़े जहाजों को निशाना बना रहे हैं ताकि दोनों देशों के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ जाए। यह बयान 8 सितंबर 2026 को हुए उन हमलों के बाद सामने आया है जिसमें मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल करके नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया था।
सऊदी अरब के कई शहरों और एयरबेस पर हुए हमले
हौथी विद्रोहियों द्वारा किए गए इन समन्वित हमलों में अभ्हा, खामिस मुशाइत, جازان (Jazan) और नजरान के सिविलियन एनर्जी सेंटर्स को निशाना बनाया गया था। इसके साथ ही इन हमलों में किंग खालिद एयर बेस पर भी बमबारी की गई थी। इन ताबड़तोड़ हमलों में कम से कम 73 आम नागरिक घायल हुए जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा कई Saudi Aramco की सुविधाओं में आग लग गई थी जिसके कारण वहां का काम अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था।
सऊदी अरब की तरफ से की गई जवाबी कार्रवाई
इन हमलों का करारा जवाब देते हुए सऊदी अरब की सेना ने 9 सितंबर 2026 को यमन के मारिब, अल-जौफ, ताइज और होदेइदाह गवर्नरेट पर 30 से ज्यादा एयरस्ट्राइक की। सऊदी विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया। वहीं सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल Turki al-Maliki ने यह कसम खाई कि इस मिलिशिया को सबक सिखाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी Saudi Press Agency (SPA) के माध्यम से साझा की गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जताई गई चिंता
संयुक्त राष्ट्र के यमन के लिए विशेष दूत Hans Grundberg ने चेतावनी दी कि इस तरह की लगातार बढ़ रही हिंसा से यमन संकट के सभी राजनीतिक समाधान खतरे में पड़ सकते हैं। कतर के विदेश मंत्रालय ने भी यह बात कही कि हौथी विद्रोहियों की ये हरकतें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2216 और 2722 का साफ उल्लंघन हैं जो क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री नेविगेशन से जुड़े हैं। खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC, जॉर्डन, कुवैत, कतर और पाकिस्तान ने सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार का खुलकर समर्थन किया है। दूसरी तरफ हौथियों का कहना है कि उनका यह हमला सना में बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों और जमीनी सैन्य कार्रवाई के जवाब में था।