Yemen Civil War: यमन में फिर भड़का गृहयुद्ध, हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद सऊदी अरब और सरकार ने शुरू किया बड़ा काउंटरऑफ़ेंसिव।

यमन का एक दशक पुराना गृहयुद्ध एक बार फिर से बहुत ज्यादा खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां ईरान समर्थित हूती आंदोलन के नए हमलों के बाद हालात पूरी तरह से बिगड़ गए हैं। इस लड़ाई में तेजी तब आई जब 3 सितंबर 2026 को हूती लड़ाकों ने Taiz Governorate में एक बड़ा हमला बोल दिया, जिसका मुख्य मकसद जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना और Mokha बंदरगाह के रास्ते को पूरी तरह से बंद करना था। इस संघर्ष के बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं और पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया है।
सऊदी अरब के शहरों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले
तनाव तब और ज्यादा बढ़ गया जब 8 सितंबर 2026 को यह जंग पड़ोसी देश सऊदी अरब की सीमा तक पहुंच गई और हूती विद्रोहियों ने Khamis Mushait, Abha, Jizan और Najran शहरों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल दागे। इन अचानक हुए हमलों की वजह से महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 73 लोग घायल हो गए और कई एनर्जी फैसिलिटीज में भयानक आग लग गई। हूती सेना के प्रवक्ता Yahya Saree ने इन हमलों को सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा किए गए 120 से ज्यादा हवाई हमलों का बदला बताया है। दूसरी तरफ, सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल Turki al-Maliki ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे संप्रभुता का उल्लंघन और एक खतरनाक escalation करार दिया, साथ ही मिलिशिया को रोकने के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाने का वादा किया।
सरकार का Sanaa को वापस लेने का बड़ा ऐलान
हालात को संभालते हुए 9 सितंबर 2026 को सऊदी समर्थित Presidential Leadership Council (PLC) ने एक मजबूत काउंटरऑफ़ेंसिव शुरू कर दिया। यमन के डिप्टी डिफेंस मिनिस्टर मेजर जनरल Samir al-Sabri ने सरकार के आधिकारिक उद्देश्य का ऐलान किया कि वे किसी भी कीमत पर Sanaa को वापस अपने कब्जे में लेंगे। सरकार समर्थित सेनाओं, जिसमें Yemeni National Resistance और Giants Brigades शामिल हैं, ने Taiz, Bayda और Jawf में भीषण जमीनी जंग होने की बात कही है। हूती प्रवक्ता Nasruddin Amer ने बताया कि सऊदी समर्थित ताकतों ने Taiz, Hodeida, Jawf और Marib में रात भर में 32 हवाई हमले किए। सरकारी प्रवक्ता Majid al-Nuzaili ने राजधानी की तरफ जाने वाली सड़कों से आम नागरिकों को दूर रहने की सलाह दी है ताकि यमन को आजाद कराने के इस अभियान में कोई बाधा न आए।
मानवीय संकट और अंतरराष्ट्रीय चिंता
इस खूनी संघर्ष की वजह से मानवीय संकट बहुत ज्यादा गहरा गया है, और World Health Organization के आंकड़ों के मुताबिक 24 अगस्त के बाद से अब तक 1,078 लोग या तो मारे गए हैं या घायल हुए हैं। इसके अलावा 5 सितंबर के बाद से 21,000 से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Hans Grundberg ने चेतावनी दी है कि इस तरह से स्थिरता के खत्म होने से एक बड़ा क्षेत्रीय संघर्ष शुरू हो सकता है। हालात को और ज्यादा खराब करते हुए हूती विद्रोहियों ने Red Sea और Bab al-Mandeb strait में सऊदी जहाजों पर नाकेबंदी की घोषणा कर दी है, साथ ही हूती विद्रोहियों और विभिन्न इराकी मिलिशिया के बीच तालमेल बढ़ने की खबरें भी सामने आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय जानकारों, जैसे कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की विशेषज्ञ Elisabeth Kendall ने चेतावनी दी है कि अगर हूती संगठन ऊर्जा से भरे पूर्वी इलाकों पर कब्जा कर लेते हैं, तो खतरा और ज्यादा बढ़ जाएगा। यमन में अमेरिकी दूतावास ने सरकार और सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है, जबकि Al-Qaeda in the Arabian Peninsula (AQAP) की मौजूदगी इस संघर्ष को और ज्यादा जटिल बना रही है।