Yemen Crisis: यमन में भड़की हिंसक झड़पें और टैंकर जब्ती से मौत का आंकड़ा 300 के पार, मचा हड़कंप.

यमन के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में चल रही भीषण हिंसक झड़पों के कारण हालात बेहद गंभीर होते जा रहे हैं। सैन्य और चिकित्सा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन हमलों और संघर्षों में मरने वालों की कुल संख्या 300 के आंकड़े को पार कर चुकी है। यह ताजा हिंसा थर्सडे, 3 सितंबर 2026 को हूती विद्रोहियों द्वारा शुरू किए गए एक बड़े हमले के बाद भड़की थी। इस खूनी संघर्ष की चपेट में आम नागरिकों के साथ-साथ दोनों पक्षों के लड़ाके भी बड़ी संख्या में आए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
ताइज़ गवर्नरट से हजारों परिवारों का पलायन
बढ़ती हिंसा और हमलों के चलते सैकड़ों परिवारों को मजबूरी में अपने घर छोड़ने पड़े हैं। खासकर मकबनाह (Maqbanah) और जबाल हबाशी (Jabal Habashi) जिलों के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। अपनी जान बचाने के लिए ये बेघर परिवार अब अल-बारीन (Al-Bareen) जैसे राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं। आम लोगों की इस मुसीबत ने मानवीय संकट को और अधिक गहरा कर दिया है, जहां लोगों के पास बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव देखा जा रहा है।
सैन्य कार्रवाई और सड़क मार्ग बंद
सऊदी समर्थित सरकार का समर्थन करने वाले सैन्य अधिकारियों ने बताया कि सैटरडे दोपहर से लेकर संडे सुबह तक के बीच उनके 84 सैनिक मारे गए हैं, जिनमें से ज्यादातर मौतें मिसाइल हमलों की वजह से हुईं। एक सरकारी सैन्य अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि हूती ताकतों ने सैटरडे की शाम को ताइज़ को बंदरगाह शहर मोखा (Mokha) से जोड़ने वाले मुख्य और बेहद महत्वपूर्ण सड़क मार्ग को पूरी तरह से काट दिया है। दूसरी तरफ, चार हूती सैन्य सूत्रों ने दावा किया कि इसी समयावधि में उनके भी 57 विद्रोही लड़ाके मारे गए हैं। यमन के सशस्त्र बल मीडिया केंद्र ने बताया कि सरकारी सैनिकों ने कई मोर्चों पर बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर कई ठिकानों को वापस अपने नियंत्रण में ले लिया है और हूती घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम कर दिया है।
हूती ठिकानों पर ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक
यमन के युद्धक विमानों ने अल-बरह (Al-Barh), दक्षिणी अल-हुदयदाह (Al-Hudaydah) और मारिब (Marib) प्रांत के पश्चिमी बाहरी इलाकों में स्थित हूती ठिकानों पर जबरदस्त हवाई हमले किए। ईरान समर्थित इन हूती विद्रोहियों ने मोखा शहर को बाकी इलाकों से काटने और रणनीतिक रूप से अहम बाब अल-मंदाब (Bab al-Mandab) जलडमरूमध्य की तरफ आगे बढ़ने के इरादे से यह आक्रामक अभियान शुरू किया था।
कोमोरोस ध्वज वाले तेल टैंकर को किया गया जब्त
एक अलग घटनाक्रम में, संडे के दिन यमनीय तटरक्षक बल ने अदन की खाड़ी में कोमोरोस के झंडे वाले तेल टैंकर नेरिडा (Nerida) को बीच रास्ते में रोक लिया और उसे अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों का आरोप है कि इस टैंकर ने संयुक्त राष्ट्र के नियमों और यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र सत्यापन और निरीक्षण तंत्र यानी UNVIM की बिना किसी अनुमति के, हूती-नियंत्रित रास इसा (Ras Isa) बंदरगाह पर अवैध रूप से माल खाली किया था। टैंकर पर मौजूद सशस्त्र कर्मियों ने कथित तौर पर तटरक्षक बल की गश्त नाव पर फायरिंग भी की, जिसके बाद कड़ी कार्रवाई करते हुए जहाज को रोककर सुरक्षित रूप से अदन बंदरगाह तक escort करके लाया गया।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जताई गई चिंता
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे इस तनाव से दुनिया भर के देश और संगठन चिंतित हैं। इससे पहले 13 अगस्त 2026 को संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग (Hans Grundberg) ने सुरक्षा परिषद को आगाह किया था कि साल 2022 में हुए संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाले संघर्षविराम के बाद से, यमन एक बार फिर से बड़े पैमाने पर युद्ध की तरफ लौटने के अपने सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है। ताजा हालात इस चेतावनी को सच साबित करते नजर आ रहे हैं, जिससे आम जनता का जीवन नर्क बन गया है।