Yemen में भड़की हिंसा, 15 घंटे चली जबरदस्त जंग में 25 लोगों की हुई मौत

Aanya3 September 20263 min read41 viewsYemen
Yemen में भड़की हिंसा, 15 घंटे चली जबरदस्त जंग में 25 लोगों की हुई मौत

यमन में हालात एक बार फिर से बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं और पश्चिमी मोर्चों पर सरकारी बलों और हूती मिलिशिया के बीच आमने-सामने की खूनी झड़प देखने को मिली है। गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को यमन के सरकारी सैनिकों ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ लगातार 15 घंटे तक भीषण मुकाबला किया। यह जानकारी सैन्य सूत्रों की तरफ से सामने आई है, जिसमें बताया गया कि संघर्ष मुख्य रूप से ताइज़ और हुदैदाह प्रांतों के तटीय इलाकों में काफी तेज हो गया था। इस दौरान आम रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर भारी हमले किए गए, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

ताइज़ और हुदैदाह में हूती विद्रोहियों का हमला और एयर डिफेंस की कार्रवाई

सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस पूरे तनावपूर्ण घटनाक्रम के दौरान हूती मिलिशिया ने कुल 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और कई सारे ड्रोन दागे, जिनका निशाना देश के घनी आबादी वाले इलाके थे। हालांकि, यमन सशस्त्र बल मीडिया केंद्र ने साफ किया कि सैन्य इकाइयों ने अपनी चौकसी और युद्ध के लिए पूरी तैयारी बनाए रखी थी। ताइज़ और पश्चिमी तट के ऊपर सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कई ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया। 52वीं इन्फैंस्ट्रि ब्रिगेड ने विशेष रूप से जानकारी दी कि उनके जवानों ने तीन आक्रामक टोही ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराया है।

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यमन के सूचना मंत्रालय के टेलीविजन मामलों के सहायक अवर सचिव फैयाद अलनोमान ने बताया कि हूती मिलिशिया द्वारा दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल ने दक्षिण-पश्चिमी ताइज़ में स्थित अल-वाज़ियाह ब्रिज को निशाना बनाने की कोशिश की थी। हालांकि सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि गनीमत यह रही कि पश्चिमी तट के किसी भी सैन्य ठिकाने या महत्वपूर्ण स्थान पर कोई भी प्रोजेक्टाइल सीधे तौर पर नहीं गिरा, जिससे एक बड़ा नुकसान टल गया।

जमीनी लड़ाई और मोचा पोर्ट के पास नाकामी

जमीनी स्तर पर लड़ाई अल-बारह फ्रंट के अल-कदाहा सेक्टर के साथ-साथ ताइज़ के मकबानह जिले के अंतर्गत आने वाले इलाकों जैसे साकम, हादियाह और अल-बारहशा में बहुत जोरशोर से लड़ी गई। इन आमने-सामने के घातक संघर्षों में कम से कम 25 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस आंकड़े में 15 सरकारी सैनिक और 10 हूती मिलिशिया सदस्य शामिल हैं। लड़ाई की भयंकरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों पक्षों को भारी जनहानि उठानी पड़ी है।

इसके अलावा, नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेस ने एक और बड़े खतरे को नाकाम करते हुए विस्फोटकों से भरी एक नाव को पूरी तरह तबाह कर दिया। यह नाव बाब अल-मदब जलडमरूमध्य के पास स्थित रणनीतिक रूप से बेहद अहम मोचा पोर्ट को निशाना बनाने की फिराक में थी। तटीय सुरक्षा बलों की सूझबूझ से इस समुद्री हमले को समय रहते विफल कर दिया गया।

विस्थापन और आम नागरिकों पर असर

लगातार चल रही इस भारी गोलीबारी और हिंसा के माहौल ने आम नागरिकों की जिंदगी को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रहे हमलों और गोलाबारी के कारण प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आम परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस ताजा संघर्ष की वजह से इलाकों में एक नया नागरिक विस्थापन संकट पैदा हो गया है, जहां लोग अपनी जान बचाकर दूर-दराज के सुरक्षित इलाकों में शरण ले रहे हैं।

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