यमन में फिर शुरू हुआ भीषण युद्ध, यूएन ने दी चेतावनी कि क्षेत्रीय स्तर पर फैल सकती है हिंसा.

Nura Basta11 September 20263 min read32 viewsYemen
यमन में फिर शुरू हुआ भीषण युद्ध, यूएन ने दी चेतावनी कि क्षेत्रीय स्तर पर फैल सकती है हिंसा.

संयुक्त राष्ट्र संघ यानी UN के यमन मामलों के विशेष दूत Hans Grundberg ने यह आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया है कि यमन एक बार फिर से पूर्ण युद्ध की स्थिति में लौट आया है। उन्होंने सुरक्षा परिषद को गंभीर चेतावनी दी है कि यह संघर्ष अब केवल यमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका दायरा पूरे क्षेत्र में फैल सकता है जिसके दुनिया भर में गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। यह बड़ी और चिंताजनक घोषणा ब्रिटेन और बहरीन की मांग पर बुलाई गई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक के दौरान 10 सितंबर 2026 को की गई थी। इस बैठक का मुख्य एजेंडा हिंसा का बढ़ता दायरा और हाल ही में दक्षिणी सऊदी अरब पर हुए हुती मिसाइल और ड्रोन हमलों पर चर्चा करना था।

यमन में संघर्ष और विस्थापन की स्थिति

यमन के भीतर हालात बहुत तेजी से बिगड़ रहे हैं और संघर्ष में भारी तेजी देखने को मिल रही है। हुती बलों ने बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा कर लिया है, जिससे उन्होंने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इसके अलावा मारिब, जौफ और अल-बैदा इलाकों में भयंकर लड़ाई की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ताज़, होदेइदाह, अल-बैदा और जौफ में आम नागरिकों के हताहत होने की बात भी दस्तावेजों में दर्ज की गई है। राहत एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते 3 सितंबर से देश भर में 11,400 से अधिक परिवार अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं और विस्थापित हो चुके हैं। इस हालात से निपटने के लिए यमन सरकार समर्थित बलों ने राजधानी सना पर फिर से कब्जा करने के लिए एक बड़ा जवाबी अभियान शुरू किया है।

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सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमले

हुती विद्रोहियों की तरफ से हाल ही में की गई सैन्य कार्रवाई के तहत 8 सितंबर 2026 को दक्षिणी सऊदी अरब में एक सैन्य एयरबेस और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया गया था। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 73 लोग घायल हो गए थे और जाज़ान स्थित एक बड़े तेल रिफाइनरी में कामकाज भी बाधित हुआ था। हुती गुट का कहना था कि यह हमले यमन के अल-जौफ प्रांत में एक जेल पर हुए सऊदी हमले के जवाब में किए गए थे, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ReliefWeb Report में साझा की गई है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा परिषद की बैठक

सुरक्षा परिषद के सत्र के दौरान संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब के राजदूत Abdulaziz Alwasil ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पुरजोर अपील की कि वे उन तमाम रास्तों और समर्थन को तुरंत रोकें जिनकी वजह से हुती गुट की ऐसी शत्रुतापूर्ण हरकतें लगातार जारी हैं। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने सऊदी अरब के अपनी आत्मरक्षा के अधिकार का पूरी तरह से समर्थन करने की बात दोहराई है। ब्रिटेन ने हुती विद्रोहियों द्वारा संघर्ष को दोबारा शुरू किए जाने की कड़ी निंदा की है और कहा है कि इन हरकतों से क्षेत्रीय स्थिरता के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी बड़ा खतरा पैदा हो गया है। ब्रिटेन के इस आधिकारिक रुख को UK Government Speech में विस्तार से बताया गया है। इस पूरी बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पुराने आदेशों को सख्ती से लागू किया जाए, जिसमें हुती पर हथियारों की पाबंदी लगाने वाला UN Security Council Resolution 2216 और कमर्शियल जहाजों पर हमलों को रोकने की मांग करने वाला Resolution 2722 शामिल है।

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