Yemen Crisis: साल 2022 के बाद यमन में मंडराया बड़े युद्ध का सबसे बड़ा खतरा, यूएन ने दी चेतावनी।

Sushma Kumari11 September 20262 min read38 viewsYemen
Yemen Crisis: साल 2022 के बाद यमन में मंडराया बड़े युद्ध का सबसे बड़ा खतरा, यूएन ने दी चेतावनी।

संयुक्त राष्ट्र यानी UN ने यमन को लेकर एक बहुत बड़ी और गंभीर चेतावनी जारी की है। UN Special Envoy for Yemen Hans Grundberg ने सुरक्षा परिषद को बताया है कि देश में साल 2022 के बाद से एक बार फिर से बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने का सबसे बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इस खतरनाक स्थिति के बारे में बात करते हुए उन्होंने इसे एक कड़वी सच्चाई बताया है। यह आपातकालीन ब्रीफिंग 10 September 2026 को बहरीन और यूके के कहने पर बुलाई गई थी, जिसमें हूप्सबर्ग ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में हालात बहुत ज्यादा बिगड़ चुके हैं।

विस्थापन और मानवीय संकट

आंकड़ों के मुताबिक 3 September से अब तक यमन के कुल 11,400 परिवारों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है। इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन की रिपोर्ट के अनुसार केवल Taiz और Al-Hodeidah गवर्नरट में ही लगभग 18,500 लोग विस्थापित हुए हैं और यह संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है, जिसकी पूरी जानकारी आप IOM News पर देख सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के अनुसार 24 August से 6 September के बीच हुई भयंकर गोलाबारी और लड़ाई में 194 लोगों की मौत हो गई है जबकि 884 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मौजूदा समय में यमन के 22 million से ज्यादा लोगों को जिंदा रहने के लिए मानवीय सहायता की सख्त जरूरत है और 18 million से अधिक लोग गंभीर भुखमरी का सामना कर रहे हैं।

मैदान-ए-जंग और हमलों का सिलसिला

यमन के मारिब, अल-जौफ और अल-बायदा केfront lines पर लड़ाई लगातार फैलती जा रही है। हौथी बलों ने बाब अल-मदब जलडमरूमध्य के पास स्थित मोखा के रणनीतिक बंदरगाह शहर पर अपना कब्जा जमा लिया है। इसके अलावा 8 September को दक्षिणी सऊदी अरब में हौथी गुट की तरफ से दागे गए ड्रोन और मिसाइलों के हमलों में 73 लोग घायल हो गए और वहां के ऊर्जा संयंत्रों को भी काफी नुकसान पहुंचा। हौथी समूह ने दावा किया कि उन्होंने यह हमला अल-जौफ की एक जेल पर हुए सऊदी हवाई हमले के बदले में किया है। इस पूरे मामले को लेकर यमन के प्रतिनिधि Abdullah Ali Fadhel al-Saadi ने हौथी गुट के इस नए हमले की कड़ी निंदा की है और हथियारों की सप्लाई पर रोक लगाने वाले प्रतिबंधों को और ज्यादा सख्ती से लागू करने की मांग की है। सुरक्षा परिषद के सभी सदस्यों ने तुरंत शांति कायम करने, आम नागरिकों की जान बचाने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने की अपील की है।

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