Yemen में हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला नाकाम, सेना ने हवा में मार गिराए ड्रोन और मिसाइल.

यमन के पश्चिमी तािज़ इलाके में सरकारी सेना ने हूती विद्रोहियों के एक बड़े हमले को पूरी तरह से विफल कर दिया है। 3 सितंबर 2026 को हुई इस भीषण झड़प के दौरान यमन की सरकारी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हूती लड़ाकों के कई ठिकानों को तबाह कर दिया और आसमान में ही उनके खतरनाक ड्रोन्स को मार गिराया। इस सैन्य कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया गया है।
हूती विद्रोहियों ने दागे कई ड्रोन और मिसाइल
यमन की सशस्त्र सेना मीडिया सेंटर के मुताबिक, देश की एयर डिफेंस ने पश्चिमी तािज़ के जबल हबाशी जिले के ऊपर कम से कम 3 ड्रोन हवा में ही नष्ट कर दिए। हूती विद्रोहियों ने अल-अहतोउब, अल-तुवैयर, अल-कधा और जबल घबारी जैसे इलाकों में घुसपैठ करने की नापाक कोशिश की थी। इसके अलावा, विद्रोही तािज़ और होदेइदाह के पश्चिमी तट के घनी आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाते हुए कुल 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे थे। सरकारी सैन्य अधिकारियों ने साफ किया है कि इन हमलों से सैन्य अभियानों या सरकार समर्थित ठिकानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
झड़प में दोनों पक्षों के दर्जनों लोग हताहत
इस भयंकर संघर्ष में दोनों तरफ से भारी नुकसान की खबर सामने आई है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हिंसा में कुल 25 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें 15 सरकारी सैनिक और 10 हूती मिलिशिया शामिल हैं। वहीं एक अन्य रिपोर्ट में बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के पास 13 सरकारी सैनिकों के मारे जाने की बात कही गई है। इसके अलावा, सरकारी सेना के जवाबी काउंटरऑफ़ेंसिव में 18 से ज्यादा हूती विद्रोही मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए या पकड़े गए। यमन की सेना ने विद्रोहियों के कई वाहनों को भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया।
सरकार ने की अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की मांग
यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर एरयानी ने हूती विद्रोहियों की इन हरकतों को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने दुनिया भर के देशों से इस मामले में समर्थन बढ़ाने की अपील की है। ताजा हालातों को देखते हुए यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल ने देश में लगातार बढ़ रहे खतरों और तस्करी की कोशिशों को रोकने के लिए सेना और खुफिया एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का सख्त आदेश दिया है।