Yemen में बड़ा सैन्य अभियान, सरकारी सेना ने अल-जौफ प्रांत में अल-लाबनात कैंप पर किया कब्जा.

यमन की सरकारी सेना ने 7 सितंबर 2026 को एक बड़े सैन्य अभियान के बाद रणनीतिक रूप से बेहद अहम अल-लाबनात कैंप पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। यह कैंप यमन के अल-जौफ प्रांत में स्थित है और इसे अपने नियंत्रण में लेने के लिए सेना को काफी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस इलाके में दोनों पक्षों के बीच भयंकर सैन्य टकराव देखने को मिला, जिसके बाद यमनी सैनिकों ने इस पूरे क्षेत्र को चारों तरफ से घेर लिया था।
अल-लाबनात कैंप का महत्व और हुती विद्रोहियों का ठिकाना
जानकारी के अनुसार, यह कैंप पहले हुती मिलिशिया के लिए एक मुख्य अड्डा, हथियारों का बड़ा गोदाम और उनके अभियानों का लॉन्चपैड हुआ करता था। सामरिक दृष्टिकोण से यह कैंप बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसका सीधा नियंत्रण अल-जौफ और मारिब को जोड़ने वाले मुख्य सप्लाई रूटों पर है। इसके अलावा, यह कैंप सना और सादा की तरफ जाने वाले रास्तों पर भी अपनी पैठ रखता है, जिससे सेना के लिए यह जीत बहुत बड़ी राहत लेकर आई है।
सटीक सैन्य कार्रवाई और रक्षा मंत्रालय का बयान
यह बड़ी सफलता 6 सितंबर 2026 को शुरू किए गए एक लक्षित सैन्य ऑपरेशन के बाद मिली है, जिसमें यमनी सशस्त्र बलों ने कैंप के अंदर छिपे हुती तत्वों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया। यमनी सशस्त्र बलों के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल माजेद अल-नेजिली ने मीडिया को बताया कि देश के रक्षा मंत्रालय ने मिलिशिया की लगातार हो रही हरकतों और क्षेत्रीय उल्लंघनों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए नई और आधुनिक क्षमताओं का इस्तेमाल किया, जिससे हुती विद्रोहियों की रक्षा पंक्तियां बिखर गईं।
राष्ट्रपति डॉ. रशाद मोहम्मद अल-अलिमी की सराहना
इस शानदार जीत के बाद, सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर और देश के राष्ट्रपति डॉ. रशाद मोहम्मद अल-अलिमी ने सैनिकों की बहादुरी की जमकर तारीफ की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में दोहराया कि सरकार यमन के एक-एक इंच हिस्से को हुती नियंत्रण से मुक्त कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। राष्ट्रपति ने सैनिकों के इस जज्बे को देश के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है.
आगे की तैयारियां और अन्य मोर्चों पर कार्रवाई
फिलहाल सरकारी बलों ने कैप्चर किए गए सभी इलाकों में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है और वे अल-जौफ के बचे हुए हिस्सों को सुरक्षित करने के लिए आगे की रणनीतिक तैयारियों में जुट गए हैं। यह सैन्य प्रगति यमन के चल रहे व्यापक संघर्ष का एक हिस्सा है, जहां देश के दूसरे हिस्सों से भी सरकारी सेना की लगातार आगे बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। इसमें होदेइदाह के हाइस जिले में मिली सफलता और ताएज के पास जारी सैन्य गतिविधियां भी शामिल हैं, जिससे सरकार का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।