सऊदी अरब पर हमला के बाद, यमन के चमन अब सैनिकों के हवाले, सीधा हमला करने का आदेश जारी।
Yemen urges international backing for a major military offensive to reclaim Houthi-controlled territory and secure the Red Sea.

यमन में एक बार फिर संघर्ष तेज हो गया है और देश की सरकार ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ निर्णायक सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए यमन की विदेश मंत्री अफ़राह अल-ज़ोबा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से खुलकर सामने आने और इस नए सैन्य अभियान का समर्थन करने की अपील की है। उनका कहना है कि अब शांति के सारे विकल्प समाप्त हो चुके हैं और देश की संप्रभुता को बहाल करना समय की सबसे बड़ी मांग है।
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद ने लाल सागर के तटीय इलाकों और रणनीतिक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर हूती नियंत्रण के बाद बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार का यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
शांति की उम्मीदें टूटीं, अब निर्णायक जंग
विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि हूती विद्रोहियों के साथ शांति समझौते और तनाव कम करने के तमाम प्रयास विफल साबित हुए हैं। ऐसे में सरकार के पास सैन्य विकल्प ही एकमात्र रास्ता बचा है। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए चार मुख्य प्राथमिकताएं तय की हैं, जिसमें विद्रोहियों के नेटवर्क पर लगाम कसना, खुफिया जानकारी साझा करना, सरकारी सेना को सीधा समर्थन देना और हूतियों को वैध सरकार के समकक्ष मानना बंद करना शामिल है। इस बीच, सऊदी अरब ने भी यमन की सेना को पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में संघर्ष के और अधिक व्यापक होने के आसार हैं।