यमन हूती हमला: विदेश मंत्री की निंदा, रियाद एयरपोर्ट पर मौतों से बढ़ा तनाव
यमन के विदेश मंत्री ने हूती मिलिशिया पर नागरिकों की हत्या और पवित्र स्थलों को खतरे में डालने का आरोप लगाया। रियाद एयरपोर्ट हमले पर संयुक्त राष्ट्र और ब्रिटेन ने भी निंदा की।

रियाद/सना: यमन की विदेश मंत्री अफ़रा अल-ज़ौबा ने 12 अक्टूबर 2026 को हूती मिलिशिया के खिलाफ सख्त बयान जारी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यमन में यमन हूती हमला अब आम नागरिकों तक पहुँच चुका है, जिसमें महिलाओं और बच्चों की जान गई है और कई शहरों की घेराबंदी जारी है।
मंत्री के मुताबिक ये कार्रवाइयाँ पूरे इलाके की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे इस्लामी पवित्र स्थलों की पवित्रता पर भी आंच आती है। यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब क्षेत्र में सैन्य तनाव तेज़ी से बढ़ा है।
एक दिन पहले, 11 अक्टूबर को, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरेश ने रियाद के किंग ख़ालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने गहरा दुख जताया और कहा कि नागरिक ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
सऊदी अरब की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) के मुताबिक, 10 अक्टूबर को इसी एयरपोर्ट पर एक अलग हमला हुआ था, जिसमें 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए।
रियाद से आगे तक फैला हमला
हूती समूह ने रियाद के अलावा किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और कई ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की ज़िम्मेदारी ली है। समूह ने चेतावनी दी है कि मक्का और मदीना के एयरपोर्ट को छोड़कर सऊदी अरब के बाकी सभी एयरपोर्ट उनके निशाने पर हो सकते हैं।
इस पर सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये लगातार उकसावे वाली कार्रवाइयाँ आर्थिक ढांचे और दुनिया के सबसे पवित्र स्थलों पर खुला हमला हैं।
ब्रिटेन की ओर से राजदूत केट फ़