Yemen में बढ़ा तनाव, Taiz और West Coast फ्रंट पर Giants Brigades और Nation Shield फोर्सेस ने संभाला मोर्चा.

यमन में सुरक्षा हालात को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। 3 सितंबर 2026 को जायंट्स ब्रिगेड्स और नेशन शील्ड फोर्सेस की अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियां यमन के ताइज़ और वेस्ट कोस्ट फ्रंट पर पहुंच गईं। इस तैनाती का मुख्य उद्देश्य रक्षात्मक मोर्चों को मजबूत करना, युद्ध की तैयारी को बढ़ाना और हूती मिलिशिया की तरफ से लगातार हो रही सैन्य गतिविधियों का मुकाबला करना है।
हूती मिलिशिया की आक्रामकता और मिसाइल हमले
यह सैन्य तैनाती हूती विद्रोहियों की तरफ से हाल ही में बढ़ाई गई हिंसा और हमलों के बीच हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, हूती मिलिशिया ने मोचा और अल-खोखा जैसे जिलों को निशाना बनाते हुए लगभग 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसके अलावा, इस समूह ने पश्चिमी ताइज़ के मकाबना, अल-कधा और जबल हबाशी इलाकों में भारी सैन्य लामबंदी की। उनका मुख्य मकसद ताइज़-मोचा रोड को काटना और शहर को तट से पूरी तरह अलग करना था।
यमीनी सेना और रेजिस्टेंस यूनिट्स की जवाबी कार्रवाई
इन हमलों का कड़ा जवाब देते हुए यमीनी सरकारी सेना और नेशनल रेजिस्टेंस यूनिट्स ने मकाबना और अल-कधा सेक्टरों में हूती हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। इन इलाकों में दोनों पक्षों के बीच करीब 15 घंटे तक भीषण सैन्य संघर्ष चला। इस कार्रवाई में हूती विद्रोहियों को जानमाल का भारी नुकसान उठाना पड़ा और उन्हें पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इसके साथ ही, सरकारी बलों ने जबल हबाशी जिले के ऊपर हूती सेना के 3 टोही और हमलावर ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। आधिकारिक सैन्य मीडिया ने इस बात की पुष्टि की है कि हूती बलों की तरफ से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलें उन ऑपरेशनल इलाकों में नहीं गिरीं जहां जायंट्स ब्रिगेड्स और नेशन शील्ड के सैनिक तैनात हैं।