यमन सरकार ने लीबिया को दी जानकारी, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास बढ़ा Houthi हमला

यमन की आधिकारिक सरकार ने लीबिया के सामने पश्चिमी तट और रणनीतिक Bab al-Mandeb Strait के पास होूती विद्रोहियों के खतरनाक हमलों की पूरी जानकारी रखी है। यमन और लीबिया के बीच हुई इस कूटनीतिक बातचीत के दौरान यह बात सामने आई कि कैसे होूती लड़ाके लगातार अपने पैर पसार रहे हैं और समुद्री रास्तों पर कब्जा जमाते जा रहे हैं। इस पूरे इलाके में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है क्योंकि युद्ध और लड़ाई की वजह से आम लोगों की जिंदगी पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आम नागरिकों को अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
हूती हमलों में 500 से ज्यादा लोगों की मौत
यमन सरकार के मुताबिक, 3 सितंबर 2026 से शुरू हुए होूती विद्रोहियों के इस बड़े सैन्य हमले में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा हिंसा और तबाही के कारण लगभग 46,000 आम नागरिक अपने घरों से बेघर हो गए हैं। इस खूनी संघर्ष के दौरान 11 सितंबर 2026 को यानी शुक्रवार के दिन, होूती ताकतों ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण Perim Island (Mayyun) और तािज़ प्रांत के Dhubab शहर पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया। इन इलाकों पर अधिकार करने के बाद होूती विद्रोहियों का बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर पूरा नियंत्रण स्थापित हो गया है। इसके साथ ही इन विद्रोहियों ने ग्रेटर और लेसर हानिश द्वीपों के अलावा लाल सागर के पूरे तटीय इलाके को भी अपने कब्जे में ले लिया है, जिसके चलते यमन की सरकारी सेना को पीछे हटकर लाहिज प्रांत में शरण लेनी पड़ी है।
संयुक्त राष्ट्र और सऊदी अरब की प्रतिक्रिया
यमन के संयुक्त राष्ट्र में दूत Abdullah al-Saadi ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को चेतावनी देते हुए बताया कि होूती विद्रोही लाल सागर में अपनी मर्जी का नया माहौल बनाना चाहते हैं और उन्होंने हथियारों की सप्लाई रोकने के लिए कड़े प्रतिबंध लागू करने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Hans Grundberg ने भी यह माना कि देश में चल रहा संघर्ष अब शांति के दौर को पीछे छोड़कर एक बेहद खतरनाक और नए चरण में प्रवेश कर चुका है। दूसरी तरफ, होूती सेना के प्रवक्ता Yahya Saree ने सऊदी अरब के जहाजों के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी करने की बात की पुष्टि की है। इस बीच, सुरक्षा हालात के खराब होने की वजह से सऊदी अरब ने एहतियात के तौर पर अपनी ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन को बंद कर दिया है और पाकिस्तान तथा तुर्की के साथ मिलकर मक्का पैक्ट को चालू करने पर चर्चा चल रही है। साथ ही ईरान ने यह भी ऐलान किया है कि ओमान की राजधानी में 14 सितंबर 2026 यानी सोमवार को एक क्षेत्रीय बैठक होगी जिसमें हॉर्मोन जलडमरूमध्य से सुरक्षित जहाजों की आवाजाही पर बातचीत की जाएगी।