Yemen पर सऊदी एयरस्ट्राइक का फूटा गुस्सा, हूती मूवमेंट ने दी जंग के नए दौर की चेतावनी.

यमन के हूती आंदोलन ने सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य हमलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पूरे क्षेत्र में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है और आम जनता से लेकर बड़े बुनियादी ढांचे तक इसकी चपेट में आ रहे हैं। यमन की राजधानी सना में मौजूद सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट किया कि नागरिकों और कैदियों को निशाना बनाना तथा संप्रभुता का उल्लंघन करना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बीच यमन के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारे ने भी तीखा बयान जारी करते हुए कहा कि हवाई हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
सऊदी अरब की मुख्य पाइपलाइन पर ड्रोन हमला
क्षेत्रीय तनाव उस समय अपने चरम पर पहुंच गया जब 11 सितंबर 2026 को सऊदी अरब के रियाद और मदीना क्षेत्रों में स्थित ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ड्रोन से हमले किए गए। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इन हमलों में कई लोग घायल हुए जिसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। यूरोपीय संघ ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और बताया कि इसमें कुल 73 नागरिक घायल हुए हैं। साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का पालन करने की सख्त मांग की गई। यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रुंडबर्ग ने भी चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाइयां क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के प्रयासों को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया और जांच
इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका और इराक की तरफ से भी बड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि इस पाइपलाइन हमले के पीछे ईरान का हाथ होने की पूरी संभावना है। साथ ही उन्होंने यह भी पुष्टि की कि उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान द्वारा मांगी गई अमेरिकी सैन्य मदद को ठुकरा दिया है। दूसरी ओर इराकी सरकार ने इस बात की पुष्टि की है कि इराक-ईरान सीमा के पास अल-तिब क्षेत्र में ड्रोन लॉन्चर्स बरामद किए गए हैं। इसके बाद वहां एक आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है और एक वरिष्ठ सैन्य कमांडर को पद से हटाते हुए शलाम्चेह सीमा चौकी को बंद कर दिया गया है।
यमन के तटीय इलाकों में हूती नियंत्रण और मानवीय संकट
एक तरफ जहां सीमा पर तनाव जारी है वहीं दूसरी तरफ हूती बलों ने यमन के लाल सागर के तटीय इलाकों पर अपना कब्जा मजबूत कर लिया है। इसमें मोचा और पेरिम द्वीप का इलाका भी शामिल है। पिछले एक हफ्ते के दौरान हुई हिंसक झड़पों में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 46,000 लोग बेघर होकर विस्थापित होने को मजबूर हुए हैं। हूती आंदोलन का कहना है कि जब तक यमन पर लगा नाकाबंदी का घेरा पूरी तरह से हटाया नहीं जाता तब तक सऊदी जहाजों को छोड़कर बाकी सभी के लिए समुद्री नेविगेशन खुला रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी IRNA News Agency की रिपोर्ट में दी गई है जिसके अनुसार क्षेत्रीय हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं।