Yemen में फिर भड़की हिंसा, Taiz के पास सेना ने मार गिराए 5 हूती ड्रोन

यमन में तनाव एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है और सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। यमन की मिलिट्री रिजर्व फोर्स यानी Nation Shield Force ने 13 सितंबर 2026 को हूती विद्रोही गुट के 5 ड्रोन हवा में ही सफलतापूर्वक रोककर मार गिराए। तुर्की की सरकारी समाचार एजेंसी Anadolu और Al Jazeera English की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरी घटना ताइज़ प्रांत के पश्चिम में अल-वाज़ियाह फ्रंट के अल-अघबरा इलाके में हुई। इस नए हमले के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
यमन में क्यों तेज हुई लड़ाई और क्या है सरकारी कार्रवाई
यह ताजा संघर्ष यमन भर में जुलाई के शुरुआती दिनों से चल रही हिंसक गतिविधियों का ही एक हिस्सा है, जिसने कुछ समय की शांति के बाद फिर से भयानक रूप ले लिया है। इस बढ़ते तनाव और हमलों का जवाब देने के लिए यमन की सरकारी सेना ने कई बड़े और कड़े कदम उठाए हैं। सरकारी बलों ने दक्षिण-पश्चिमी ताइज़ के अल-धबाब फ्रंट पर अल-तबा अल-सौद और जबल अल-मुनिम में हूती ठिकानों, सैनिकों और हथियारों पर जोरदार हवाई हमले किए। इसके अलावा, सरकारी वायु सेना ने धबाब के तटीय शहर और कई उत्तरी मोर्चों पर हूती ठिकानों को पूरी तरह निशाना बनाया, जिसमें उनके कई वाहन और हथियार नष्ट हो गए तथा कई हूती लड़ाके भी मारे गए। नेशन Shield फोर्स ने दक्षिण-पश्चिमी प्रांत अल-धाले में भी हूती ठिकानों पर सटीक ड्रोन हमले किए।
हूती विद्रोहियों के दावे और सऊदी अरब पर हमला
दूसरी तरफ, हूती गुट ने पश्चिमी तटीय प्रांतों अल-हुदायदाह और ताइज़ के कई जिलों पर अपना कब्जा जमाने का दावा किया है। इस विद्रोही समूह ने लाल सागर के कुछ खास रणनीतिक द्वीपों पर भी कब्जा करने की बात कही है, जिसमें मयुन द्वीप यानी पेरिम द्वीप भी शामिल है, जो बाब अल-मदब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखने के लिए बहुत ज्यादा जरूरी माना जाता है। हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सारी ने एक बड़ा बयान देते हुए बताया कि उनके लड़ाकों ने दक्षिण सऊदी अरब के शरूराह में एक सऊदी सैन्य बेस पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। उन्होंने दावा किया कि इस हमले में कमांड सेंटर और हथियार गोदामों को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है। इसके अलावा, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के लाल सागर बंदरगाहों की नाकाबंदी करने का भी आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापार पर बड़ा असर पड़ने की पूरी आशंका है।