Yemen Crisis: باب الـ مندب बनेगा ईरान की महत्वकांक्षाओं का कब्रिस्तान, जनरल तारिक सालेह का बड़ा बयान.

यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के सदस्य और राष्ट्रीय प्रतिरोध बलों के कमांडर Lieutenant General Tariq Saleh ने 7 सितंबर 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि देश के सभी सैन्य मोर्चे एक ही युद्ध क्षेत्र की तरह काम करते हैं और ये इलाके तेहरान शासन की उस सोच का कब्रिस्तान बनेंगे, जिसके जरिए वह रणनीतिक Bab al-Mandab Strait पर कब्जा करना चाहता है। इस बयान के बाद से इलाके में राजनीतिक और सैन्य हलचल काफी तेज हो गई है, जिससे आम लोगों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
हिंसक झड़पों में हुई 120 से ज्यादा लोगों की मौत
क्षेत्रीय हिंसा में अचानक भारी तेजी 4 सितंबर 2026 को शुरू हुई थी, जब ईरान समर्थित हूती बलों ने लाल सागर के इस महत्वपूर्ण मार्ग पर कब्जा करने के लिए एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था। इन भीषण संघर्षों में अब तक 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जो पिछले कई सालों में हुई सबसे खतरनाक और घातक झड़पें मानी जा रही हैं। हूती मिलिशिया ने सरकारी नियंत्रण वाले बंदरगाह शहर मोखा को अलग-थलग करने और तटीय इलाकों की तरफ आगे बढ़ने के लिए जमीनी हमलों, रॉकेट हमलों और ड्रोन हमलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया।
यमन सरकार ने उठाए कड़े कदम और बढ़ाई चौकसी
इस बड़े हमले के जवाब में यमन की सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए Taiz में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय प्रतिरोध बलों ने लाल सागर के तटीय हिस्से में अपनी गतिविधियों को बहुत तेज कर दिया है ताकि Hodeida पर फिर से पूरा नियंत्रण हासिल किया जा सके। संघर्ष के दौरान खतरनाक और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल लगातार सामने आ रहा है। गत 22 अगस्त 2026 को बाब अल-مندب के पास ईरान में बने Maham-1 समुद्री बारूदी सुरंग और एक विस्फोटकों से भरी नाव बरामद की गई थी। इसके अलावा हूती बलों ने मोखा, खोखा और हानिश द्वीपों में सरकारी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए Fateh-110 बैलिस्टिक मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कूटनीतिक प्रयासों पर जोर
लेफ्टिनेंट जनरल तारिक सालेह ने पहले भी यह बात कही थी कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए देश के हर हिस्से को आजाद कराना जरूरी है, जिसमें होदेइदाह और सना शामिल हैं। इन सुरक्षा चुनौतियों पर बातचीत करते हुए सालेह ने एक मजबूत और एकजुट अंतरराष्ट्रीय रुख अपनाने की अपील की है। अमेरिकी राजदूत Steven Fagin के साथ हुई हालिया बातचीत में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि यमन सरकार को असरदार अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और मदद मिले, तो वह ईरान के बढ़ते प्रभाव को रोकने और उसका मुकाबला करने में पूरी तरह सक्षम है।