यमन ने सऊदी को धमकाया, कहा Blockade के बदले Blockade. ईरान के समर्थन में हुआ आज का हमला

यमन के ईरान-समर्थित हूथी विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यहया सरी ने मंगलवार को एक प्री-रिकॉर्डेड बयान में कहा कि वे सऊदी अरब को escalating तनाव के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं और चेतावनी दी कि वे “और कठोर व व्यापक स्ट्राइक” देने से नहीं हिचकिचाएंगे।
ताज़ा घटनाक्रम: हूथियों का दावा और सऊदी का जवाब
हूथियों ने 8 सितंबर 2026 को दक्षिणी सऊदी अरब में ऊर्जा सुविधाओं, सैन्य ठिकानों और रणनीतिक लक्ष्यों पर ड्रोन व बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़े पैमाने पर हमले किए। हूथी प्रवक्ता यहया सरी ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि अब्हा, नजरान और जिज़ान में अरामको सुविधाओं तथा खमीस मुशैत एयर बेस को निशाना बनाया गया; हमले “सटीक व प्रत्यक्ष” थे और लक्षित सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा।
सऊदी-नेतृत्व वाले गठजोड़ के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलकी ने हमलों को “खतरनाक कदम” कहा और बताया कि नागरिक व आर्थिक साइटों पर हमलों से अब्हा, खमीस मुशैत, जिज़ान और नजरान में कम से कम 73 लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं व बच्चे शामिल हैं। सऊदी विदेश मंत्रालय ने हमलों की निंदा की, sovereignty को खतरा बताया और जवाबी कार्रवाई का संकेत दिया।

हूथियों का तर्क: “ब्लॉकेड के बदले ब्लॉकेड”
यहया सरी ने हमलों का कारण सऊदी की हवाई कार्रवाई बताई, जिसमें उनका दावा है कि पिछले तीन दिनों में मारिब, अल-बैदा, अल-हुदैदा, ताइज़ और अल-जॉफ प्रांतों में 121 स्ट्राइक किए गए। हूथी मीडिया ने अल-हज़म (अल-जॉफ) में सेंट्रल जेल पर स्ट्राइक का आरोप लगाया, जिसमें कैदियों व आगंतुकों—महिलाओं व बच्चों समेत—को नुकसान पहुंचा। सरी ने कहा, “हम सऊदी क्षेत्र के भीतर अपने ऑपरेशन जारी रखेंगे, उसकी सैन्य तैनातियों को निशाना बनाएंगे और ‘ब्लॉकेड के बदले ब्लॉकेड’ की समीकरण को मजबूत करेंगे, जब तक आक्रमण नहीं रुकता और हमारे देश पर लगा ब्लॉकेड नहीं हटता।”
क्षेत्रीय असर: तेल सुविधाओं पर आग, परिचालन रुका
हूथी हमलों के बाद दक्षिणी सऊदी के कई तेल सुविधाओं व यूटिलिटीज में आग लगी और कुछ ऊर्जा साइटों पर परिचालन रोक दिया गया। बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें इस खबर से बढ़ीं, क्योंकि हूथियों ने “सऊदी क्षेत्र के भीतर व्यापक सैन्य अभियान” की धमकी दी है, जिससे ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर आगे के हमलों का जोखिम बढ़ गया है।
आगे क्या हो सकता है?
सऊदी अरब ने “आवश्यक परिचालन उपाय” लेकर जवाबी कार्रवाई की बात कही है, जबकि हूथी “और कठोर व व्यापक स्ट्राइक” की चेतावनी दे रहे हैं। यदि दोनों पक्ष कड़ी कार्रवाई जारी रखते हैं तो लाल सागर में शिपिंग, क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति और मध्य-पूर्व में तनाव के स्तर पर तत्काल असर पड़ सकता है।