Yemen Conflict: यमन की वायु सेना ने हारिब में हूती ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक, कई इलाकों में हिंसक झड़पें जारी.

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच 10 सितंबर 2026 को एक बड़ी सैन्य कार्रवाई देखने को मिली, जब यमन की वायु सेना ने मारिब गवर्नरट के हारिब जिले में हूती मिलिशिया के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। सऊदी आधारित समाचार आउटलेट @SaudiNews50 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सैन्य कार्रवाई यमन के कई अन्य प्रांतों में चल रहे भारी संघर्ष के बीच सामने आई है। इस पूरे घटनाक्रम ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है और स्थानीय लोग इस हिंसा से काफी डरे हुए हैं।
माफ्रक हारिब में हुआ बड़ा हमला
युद्ध की विभीषिका का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसी दिन हूती बलों ने माफ्रक हारिब में एक खतरनाक हमला किया। इस कायराना हमले में 3 बच्चों की मौत हो गई और 6 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मासूम बच्चों की इस तरह मौत से पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है। आम लोग अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं और लगातार धमाकों की आवाज से सहमे हुए हैं।
सऊदी एयरक्राफ्ट्स के द्वारा किए गए हवाई हमले
दूसरी तरफ, हूती संचालित सबा समाचार एजेंसी ने जानकारी दी कि सऊदी विमानों ने देश भर में कुल 40 एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया। इन हमलों में ताइज़ में 18, अल-जौफ में 10, अल-हुदायदाह में 9 और मारिब के अल-जुबाह जिले में 3 हवाई हमले शामिल थे। इसके अलावा, हूती विद्रोहियों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने हज्जा गवर्नरट के ऊपर एक सऊदी करेयेल ड्रोन को मार गिराया है।
सैन्य बलों की रणनीतिक वापसी
देश के दूसरे हिस्सों में भी जमीनी हालात लगातार बदल रहे हैं। प्रेसिडेंट लीडरशिप काउंसिल यानी PLC के बलों ने होदेइदाह के Hays और Al Khawkhah जिलों के साथ-साथ पश्चिमी ताइज़ के Mokha शहर से पीछे हटने का फैसला किया। ये सभी बल अब बाब अल-मदब जलडमरूमध्य के पास धुआबाब जिले की ओर पीछे हट रहे हैं। सैन्य रणनीतिकार इसे एक बड़ा बदलाव मान रहे हैं, जिससे मैदानी इलाकों में सुरक्षा समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बयान और पिछले दिन की घटनाएं
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी घटनाक्रम पर पैनी नजर रखी जा रही है। 9 सितंबर को अमेरिकी दूतावास ने एक बयान जारी कर यमन सरकार के अपने लोगों की रक्षा करने के अधिकार का पूरा समर्थन किया था। वहीं दूसरी तरफ, तुर्की के विदेश मंत्रालय ने भी हूती कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की थी। यमन के एक सैन्य सूत्र ने यह भी बताया था कि 9 सितंबर को संयुक्त तोपखाने और हवाई हमलों के जरिए मारिब में हूती के कब्जे वाले ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप @SaudiNews50 की रिपोर्ट देख सकते हैं।