यमन में बड़ा सैन्य संघर्ष, अल-बयदा और ताइज समेत पांच प्रांतों में वायु सेना ने किए 50 से ज्यादा हमले।

यमन में चल रहे संघर्ष ने एक बार फिर से विकराल रूप ले लिया है और वहां की वायु सेना ने देश के विभिन्न हिस्सों में सैन्य अभियानों को बहुत ज्यादा तेज कर दिया है। 7 सितंबर 2026 को यमन की वायु सेना ने एक बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए हाउती विद्रोहियों के ठिकानों पर 50 से अधिक हवाई हमले किए। इस बड़े हवाई अभियान के दौरान विद्रोहियों के महत्वपूर्ण ठिकानों, सैन्य वाहनों और कमांड सेंटरों को निशाना बनाया गया ताकि उनकी गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके।
इन पांच बड़े प्रांतों को बनाया गया निशाना
हवाई हमलों का यह सिलसिला यमन के कई प्रमुख गवर्नरेट यानी प्रांतों में एक साथ देखने को मिला। वायु सेना ने मुख्य रूप से Al-Bayda, Al-Dhale, Taiz, Al-Hudaydah, Marib और Al-Jawf के इलाकों में ताबड़तोड़ बमबारी की। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन हमलों में से कम से कम 13 airstrikes अकेले सोमवार की सुबह-सुबह Al-Bayda और Al-Dhale के इलाकों में की गईं, जिससे विद्रोहियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
एक तरफ जहां हवा में लड़ाकू विमान लगातार हमले कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर भी सेना ने बड़ी रणनीतिक सफलताएं हासिल कीं। जमीनी बलों ने कार्रवाई करते हुए Al-Jawf में स्थित जबल अल-कूरा (Jabal al-Koura) के सामरिक क्षेत्र पर अपना कब्जा जमा लिया। इसके अलावा, सेना के जवानों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास हाउती लड़ाकों की आगे बढ़ने की सभी कोशिशों को नाकाम कर दिया और उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
हाउती प्रवक्ता का बड़ा दावा और हमलों का असर
इस बीच, हाउती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सारी (Yahya Saree) ने इन सभी हमलों के पीछे सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन का हाथ होने की बात कही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अल-जौफ, अल-बयदा, मारिब और ताइज में क्रूज़ मिसाइलों से हमले किए गए। प्रवक्ता ने दावा किया कि उनकी सेना ने पिछले 24 घंटे के भीतर सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के तीन टोही ड्रोन मार गिराए हैं, जिनमें से एक ड्रोन अल-जौफ में और दूसरा बयदा प्रांत में गिराया गया। साथ ही, हाउतियों की तरफ से यह भी बताया गया कि अल-जौफ के हजम इलाके में हुई एक कार्रवाई में एक जेल को नुकसान पहुंचा, जिसमें एक बच्चे समेत सात लोगों की मौत हो गई।
आम लोगों पर पड़ रहा है संघर्ष का भारी असर
पिछले कुछ दिनों में इस पूरे इलाके में हिंसा बहुत ज्यादा बढ़ गई है, जिसके चलते पिछले कुछ दिनों के भीतर ही कुल 300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इस ताजा तनाव से पहले भी हिंसा की घटनाओं में कई लोगों की जान गई थी, जहां 5 सितंबर तक ही 60 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी थी। इसके अलावा, ताइज और अल-हुदैदाह में हुई झड़पों में कम से कम 20 हाउती लड़ाके या तो मारे गए या फिर गंभीर रूप से घायल हो गए।
लगातार हो रही इन खूनी झड़पों और गोलाबारी के कारण आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात इतने ज्यादा खराब हो चुके हैं कि लगभग 1,790 परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। दोनों तरफ से लगातार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जा रही हैं और जमीनी स्तर पर भी भीषण लड़ाई जारी है, जिससे पूरे क्षेत्र में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।