यमन में बड़ा सैन्य संघर्ष, ताज़ गवर्नरट में हवाई हमले से मची तबाही और विस्थापित हुए लोग।

रविवार, 13 सितंबर 2026 को यमन के ताज़ गवर्नरट में सरकारी ताकतों ने हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। इस सैन्य कार्रवाई में हूती मिलिशिया के सैन्य वाहनों, ठिकानों और हथियारों के जत्थों को निशाना बनाया गया जिससे इलाके में तनाव का माहौल काफी बढ़ गया है।
ताज़ के इन इलाकों में बरपा कहर
यमन की सरकारी सेना ने दक्षिण-पश्चिम ताज़ के अल-धबाब फ्रंट पर स्थित अल-तबा अल-सवदा और जबल अल-मुनिम की बैरकों पर विशेष रूप से बमबारी की। पिछले कुछ दिनों से मोचा से सना की ओर हथियार ले जाने वाले हूती काफिलों पर लगातार नजर रखी जा रही थी और उसी कड़ी में यह ताजा सैन्य कार्रवाई अंजाम दी गई है। सेना का यह कदम हूती हमलों को रोकने और उनकी ताकत को कमजोर करने के लिए उठाया गया है।
मानवीय संकट और विस्थापन की मार
इस भीषण सैन्य संघर्ष का सबसे बुरा असर आम जनता पर पड़ रहा है और देश में गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के आंकड़ों के अनुसार, इस ताजा हिंसा और सैन्य टकराव की वजह से बड़े पैमाने पर लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है। अकेले ताज़ गवर्नरट से लगभग 56,000 लोग विस्थापित हुए हैं। वहीं, सितंबर महीने की शुरुआत से पूरे यमन में विस्थापित होने वाले लोगों की कुल संख्या 85,000 से अधिक हो चुकी है, जिसकी विस्तृत जानकारी IOM की आधिकारिक वेबसाइट पर भी साझा की गई है।
ड्रोन हमलों और सैन्य दावों का दौर
जमीनी और हवाई लड़ाई के साथ-साथ आसमान में भी ड्रोन गतिविधियों में भारी तेजी देखी गई है। सरकार समर्थित नेशंस शील्ड फोर्सेस ने ताज़ के पश्चिम में स्थित अल-अघबरा क्षेत्र में हूती गुट के पांच ड्रोन हवा में ही मार गिराने का दावा किया है। दूसरी तरफ, हूती विद्रोहियों ने भी आरोप लगाया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान सऊदी युद्धक विमानों ने ताज़ समेत यमन के छह अलग-अलग प्रांतों में कुल 58 हवाई हमले किए हैं।
विभिन्न सैन्य धड़ों और नेतृत्व की ओर से लगातार बयान सामने आ रहे हैं जिससे यह साफ है कि दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। नेशनल रेजिस्टेंस के मुताबिक, 9 अगस्त से लेकर अब तक दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इस संघर्ष में 500 से अधिक सरकारी सैनिक मारे गए हैं और 1,500 घायल हुए हैं, जबकि होदीदा और ताज़ प्रांतों में 1,000 से ज्यादा हूती लड़ाके मारे जाने का दावा किया गया है। यमन की प्रेसिडेंट काउंसिल के सदस्य सुल्तान अल-आरदा ने हालिया क्षेत्रीय झटकों को दर्दनाक बताया है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी ताकतें हूती विद्रोहियों के और आगे बढ़ने के रास्तों को रोकने के लिए फिर से संगठित हो रही हैं।