Yemen में यमनी सशस्त्र बलों ने हुथी ठिकानों पर की ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक, कई वाहन और हथियार नष्ट.

Sushma Kumari7 September 20262 min read26 viewsYemen
Yemen में यमनी सशस्त्र बलों ने हुथी ठिकानों पर की ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक, कई वाहन और हथियार नष्ट.

यमीनी सशस्त्र बलों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में हुथी ठिकानों पर अपने हमलों को काफी ज्यादा तेज कर दिया है। 7 सितंबर 2026 को यमनी सरकारी सेना ने मारिस फ्रंट के पास रणनीतिक जबल नसा चोटी पर सुबह-सुबह तीन हवाई हमले किए। सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में हथियारों और गोला-बारूद का एक डिपो, एक टैंक, एक बीएमपी वाहन और एक विशेष ऑपरेशन रूम पूरी तरह से तबाह हो गया। यह कार्रवाई यमनी सशस्त्र बलों के बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत अल-बायदा में 11 अन्य छापे मारे गए और अल-बरह तथा दक्षिणी हुदैदाह में भी लगातार हमले किए गए।

ताइज़ और अल-जौफ में जबरदस्त झड़पें

इस बड़े सैन्य अभियान से पहले 6 सितंबर 2026 को भी यमनी सेना ने क्षेत्र को सुरक्षित करने और घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने के लिए कई बड़े कदम उठाए थे। ताइज़ में सरकारी बलों ने बताया कि अल-दबाब फ्रंट पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे 20 से ज्यादा हुथी लड़ाके मारे गए या घायल हो गए। इसके अलावा, अल-लबनात, अल-आलम और अल-जौफ गवर्नरटी के केंद्र में भी हवाई हमले किए गए। अल जज़ीरा नेट की रिपोर्ट के मुताबिक, ताइज़ और हुदैदाह में हुई इन ताजा झड़पों की वजह से 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों आम नागरिक अपने घरों को छोड़कर जाने को मजबूर हुए हैं।

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हवाई हमलों के स्रोतों को लेकर बहस

हालांकि यमनी सशस्त्र बलों के मीडिया सेंटर का दावा है कि ये सारे ऑपरेशन उनकी अपनी वायु सेना द्वारा किए जा रहे हैं। सेना ने खास तौर पर 4 सितंबर 2026 को पश्चिमी तट के मोर्चों पर 15 से अधिक हवाई हमले किए थे, जिसके बाद से वायु सेना की ताकत को लेकर बहस छिड़ गई है। यमनी टीवी एंकर समीत अल-सलाही जैसे जाने-माने सार्वजनिक लोगों ने इन दावों पर सवाल उठाया है। उनका सुझाव है कि यमनी सेना के पास अपने लड़ाकू विमान नहीं हैं और ये हमले असल में सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा किए जा रहे हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा और सरकारी प्राथमिकताएं

यमीनी प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष रशाद अल-अलिमी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी बल बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य पर ईरानी प्रभाव को रोकने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। वहीं दूसरी ओर, यमनी रक्षा मंत्री ताहेर अल-अकिलि ने कहा कि सेना देश भर में सरकारी संस्थानों को फिर से बहाल करने पर पूरा ध्यान दे रही है। सैन्य विश्लेषक जनरल मोहम्मद अल-समदी ने बताया कि मौजूदा रणनीतिक कोशिशों का मुख्य मकसद बेहतर निगरानी और सुरक्षा के लिए रणनीतिक ऊंचाइयों पर नियंत्रण हासिल करना है।

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